चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र अगस्त के पहले सप्ताह में बुलाए जाने की संभावना है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, सत्र में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी से जुड़े कानून में संशोधन का विधेयक सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
राज्य से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विधायी और वित्तीय विषयों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। सरकार संशोधित कानून को अधिक प्रभावी और कानूनी रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से आवश्यक बदलावों पर विचार कर रही है। राज्य सरकार सत्र के एजेंडे को अंतिम रूप देने में जुटी है। विभिन्न विभागों से प्रस्तावित विधेयकों और लंबित विषयों की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि उन्हें विधानसभा में पेश किया जा सके।
विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे कानून-व्यवस्था, कृषि, वित्तीय स्थिति और जनहित से जुड़े मुद्दों को सत्र में प्रमुखता से उठाएंगे। ऐसे में मानसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।