Summer express, वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव लगातार गंभीर होता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर हवाई हमले तेज कर दिए हैं। ताजा कार्रवाई में दक्षिणी ईरान के कई महत्वपूर्ण पुलों और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और कतर की दिशा में मिसाइलें दागीं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह लगातार छठी रात थी जब ईरान के विभिन्न सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए गए। अमेरिकी कार्रवाई में कई अहम पुलों समेत दर्जनों लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य और लॉजिस्टिक क्षमता को कमजोर करना बताया जा रहा है।
दूसरी ओर, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों की ओर मिसाइलें दागीं। मिसाइल हमलों की आशंका के बीच कतर ने दूसरी बार नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। वहीं बहरीन में भी एयर रेड सायरन बजाए गए और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया।
कतर के गृह मंत्रालय के मुताबिक, इससे पहले हुए एक मिसाइल हमले के दौरान वायु रक्षा प्रणाली ने एक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया था, लेकिन उसके मलबे की चपेट में आने से एक बच्चा घायल हो गया। मिसाइल हमलों के दौरान लोगों ने आसमान में लगातार विस्फोटों की आवाजें भी सुनीं।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी हमलों में दक्षिणी होर्मोजगान प्रांत के कई पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। बंदर खमीर क्षेत्र भी हमलों की जद में रहा, जहां कम से कम सात लोगों की मौत होने का दावा किया गया है। इसके अलावा तेहरान और सेमनान प्रांतों में भी हवाई हमले किए गए। सेमनान को ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और अंतरिक्ष कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
विश्लेषकों के अनुसार, हाल में लागू अंतरिम युद्धविराम समाप्त होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव फिर तेज हो गया है। समुद्री मार्ग पर नियंत्रण को लेकर लगातार जवाबी सैन्य कार्रवाई की जा रही है। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
समुद्री व्यापार पर नजर रखने वाली संस्था लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों की आवाजाही में पहले ही लगभग 25 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के खिलाफ अभियान में अमेरिका को बढ़त हासिल है और जल्द इसके परिणाम दुनिया के सामने होंगे। वहीं ईरानी सेना के खातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता कर्नल इब्राहिम जुल्फिकारी ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ईरान के पुलों, बिजली संयंत्रों और अन्य बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रखता है तो ईरान भी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई करेगा।
दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर और अधिक गहरा हो सकता है।