शगुन कश्यप | चंडीगढ़
पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) परिसर में सोमवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े वक्ताओं के प्रस्तावित कार्यक्रम के विरोध में विभिन्न छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में ले लिया।
यह प्रदर्शन ‘पीयू अगेंस्ट सैफ्रोनाइजेशन’ नामक छात्र संगठनों के संयुक्त मंच के बैनर तले किया गया। छात्र संगठनों का आरोप है कि विश्वविद्यालय परिसर में वैचारिक रूप से विवादित कार्यक्रम आयोजित कर कैंपस का “भगवाकरण” करने की कोशिश की जा रही है।
सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में RSS की महिला शाखा की प्रमुख शांता कुमारी और दुर्गा वाहिनी की संस्थापक साध्वी ऋतंभरा के शामिल होने की सूचना थी।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उन्होंने पहले ही कुलपति को ज्ञापन सौंपकर कार्यक्रम रद्द करने की मांग की थी। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया था कि यह कार्यक्रम परिसर के भीतर आयोजित नहीं होगा। हालांकि बाद में उन्हें जानकारी मिली कि कार्यक्रम की तैयारियां विश्वविद्यालय परिसर में जारी हैं, जिसके बाद उन्होंने ऑडिटोरियम तक विरोध मार्च निकालने का फैसला किया।
जब छात्र प्रदर्शन करते हुए कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़े तो चंडीगढ़ पुलिस और विश्वविद्यालय सुरक्षा कर्मियों ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
छात्र नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और बल प्रयोग किया, जिससे कई छात्रों को मामूली चोटें आईं। उनका यह भी दावा है कि धक्का-मुक्की के दौरान कुछ छात्रों के कपड़े तक फट गए।
पुलिस ने छात्रों को हिरासत में लेकर सेक्टर-24 पुलिस थाने पहुंचाया।