Summer express, सोनीपत। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन और संसद मार्च से पहले हरियाणा और पंजाब से आने वाले प्रदर्शनकारियों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली की ओर बढ़ रहे कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को सोनीपत रेलवे स्टेशन पर हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है। वहीं पंजाब की ओर से आने वाले प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जीटी रोड पर व्यापक बैरिकेडिंग की गई है।
जानकारी के अनुसार पानीपत टोल प्लाजा पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां चार डीएसपी, छह थाना प्रभारियों (SHO), सीआईए टीम और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि प्रदर्शनकारियों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके।
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता विमल किशोर ने दावा किया कि वे संसद घेराव में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें सोनीपत रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतारकर हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की होने की भी बात सामने आई है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता एवं हरियाणा के सोनीपत निवासी विजेता दहिया ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ बल प्रयोग किया गया और कई स्वयंसेवकों के साथ मारपीट की गई।
विजेता दहिया ने यह भी दावा किया कि छात्र आंदोलन का समर्थन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने जबरन हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया। उनके अनुसार, इस कार्रवाई के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की गई है। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सीजेपी का कहना है कि यह आंदोलन नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर चलाया जा रहा है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
उल्लेखनीय है कि इस आंदोलन की शुरुआत मई 2026 में डिजिटल अभियान के रूप में हुई थी, जबकि जून से इसे जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाया गया। आंदोलन को समर्थन देने के लिए कई सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी समय-समय पर जंतर-मंतर पहुंच चुके हैं। फिलहाल दिल्ली और आसपास के राज्यों में सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।