Summer express, अंकुर कपूर, अंबाला। एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया और विश्व हिंदू तख्त के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए केंद्र और हरियाणा सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी तत्वों, खालिस्तान समर्थक संगठनों और कट्टरपंथी समूहों की ओर से लगातार धमकियां मिल रही हैं, लेकिन इन मामलों की जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।
वीरेश शांडिल्य का कहना है कि उन्हें मिली धमकियों के संबंध में हरियाणा और पंजाब में कई एफआईआर दर्ज हैं। उनके अनुसार, विभिन्न सरकारी एजेंसियों और अधिकारियों ने भी पहले उनकी सुरक्षा को खतरा बताया है। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से भी राज्य सरकार को सुरक्षा संबंधी पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में हरियाणा पुलिस की ओर से उन्हें सुरक्षा कर्मी उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में उनकी आवाजाही के दौरान सुरक्षा को लेकर कोई समन्वित व्यवस्था नहीं है। उनका आरोप है कि सीमावर्ती राज्यों में सुरक्षा संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं होने से खतरा बना हुआ है।
शांडिल्य ने यह भी कहा कि उनकी शिकायतों पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद पाकिस्तान से जुड़े एक कथित हथियार तस्कर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उनका आरोप है कि अदालत द्वारा मामले की तार्किक निष्कर्ष तक जांच करने के निर्देश दिए जाने के बावजूद जांच अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंची। उन्होंने मांग की कि हाईकोर्ट के आदेशों का पूरी तरह पालन किया जाए और सभी लंबित मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
उन्होंने अपने संगठन की ओर से आतंकवाद और खालिस्तान समर्थक गतिविधियों के खिलाफ वर्षों से चलाए जा रहे अभियानों का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि उन्होंने समय-समय पर आतंकवाद से जुड़े मामलों में अदालतों का भी दरवाजा खटखटाया और कई जनहित याचिकाएं दायर कीं, जिन पर महत्वपूर्ण न्यायिक आदेश भी आए।
वीरेश शांडिल्य ने आरोप लगाया कि उन्हें मिल रही धमकियों के मामलों में कुछ प्रकरणों में जांच प्रभावी ढंग से आगे नहीं बढ़ाई गई। उन्होंने इन मामलों की उच्च स्तरीय जांच कराने और अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा की व्यापक समीक्षा करने की मांग की।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस पूरे मामले का संज्ञान लेने और सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक निर्देश जारी करने की अपील की है, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और धमकी से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच हो।