Summer express/करनाल, राकेश कुमार -: भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में आयोजित किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे किसानों को सोमवार को करनाल के बस्ताड़ा टोल प्लाजा पर हरियाणा पुलिस ने रोक दिया।भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग के कारण दिल्ली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। किसानों के वाहनों के रुकने से हाईवे पर दोनों ओर लंबा जाम लग गया, जिससे आम यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।देश बचाओ मोर्चा’ के आह्वान पर हरियाणा और पंजाब के विभिन्न जिलों से किसान दिल्ली के किसान घाट में प्रस्तावित महापंचायत में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे। किसानों का कहना था कि उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना था, लेकिन रास्ते में ही उन्हें रोक दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान कई किसानों ने अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। कुछ किसानों ने अपने वाहन बस्ताड़ा टोल के पास खड़े कर दिए और अर्धनग्न होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पैदल ही दिल्ली की ओर बढ़ने का प्रयास किया। किसानों का कहना था कि पहले ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली जाने पर रोक लगाई गई और अब निजी वाहनों को भी आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है। उनका आरोप था कि उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से महापंचायत में शामिल होने के अधिकार से भी वंचित किया जा रहा है।किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार किसान और मजदूर वर्ग की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि दिल्ली में किसी प्रकार का उग्र प्रदर्शन नहीं, बल्कि केवल महापंचायत आयोजित की गई थी, फिर भी प्रशासन ने उन्हें राजधानी पहुंचने से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि कई किसान नेताओं को पहले ही नजरबंद या हिरासत में लिया गया है। किसानों के अनुसार, प्रमुख किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी को भी एक कार्यक्रम में जाते समय पुलिस ने हिरासत में लिया, जिससे किसानों में रोष और बढ़ गया।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते से देश के कृषि और डेयरी क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उनका आरोप है कि यदि विदेशी कृषि और डेयरी उत्पादों को अधिक बाजार मिला तो इसका सीधा असर भारतीय किसानों की आय, उत्पादन और आजीविका पर पड़ेगा। इसी चिंता को लेकर विभिन्न किसान संगठनों ने दिल्ली में महापंचायत बुलाकर सरकार के सामने अपनी मांगें रखने का निर्णय लिया था।दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया। घरौंडा के डीएसपी मनोज कुमार ने कहा कि बस्ताड़ा टोल पर कुछ समय के लिए किसानों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ था, लेकिन पुलिस ने हालात को संभाल लिया। उनके अनुसार करीब 200 किसान दिल्ली की ओर जाने का प्रयास कर रहे थे, जिन्हें सुरक्षा व्यवस्था के तहत रोका गया। उन्होंने आम नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की। साथ ही युवाओं से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने और अपने कार्यों व पढ़ाई पर ध्यान देने का आग्रह किया।बस्ताड़ा टोल पर हुई इस कार्रवाई के बाद किसानों और प्रशासन के बीच तनाव बना रहा। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे अपने आंदोलन और व्यापार समझौते के विरोध को आगे भी जारी रखेंगे, जबकि पुलिस प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।