Summer express/हमीरपुर,अरविंद-: भारतीय सेना से सेवानिवृत्त जसवीर पटियाल आज अपने साहस, अनुभव और समाजसेवा के जज्बे के कारण क्षेत्र के लोगों के लिए भरोसे का नाम बन चुके हैं। बड़सर उपमंडल की दलचेहड़ा पंचायत के निवासी जसवीर पटियाल पिछले 14 वर्षों से सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लोगों की जान बचाने के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण में भी अहम योगदान दे रहे हैं। अब तक वह 1000 से अधिक विषैले और गैर-विषैले सांपों को सुरक्षित पकड़कर आबादी से दूर प्राकृतिक वातावरण में छोड़ चुके हैं।
जसवीर पटियाल ने बताया कि भारतीय सेना में सेवा के दौरान उन्हें विषैले और गैर-विषैले सांपों की पहचान, उनके व्यवहार को समझने तथा बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने का विशेष प्रशिक्षण मिला था। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अपने इस अनुभव को समाजहित में उपयोग करने का निर्णय लिया।उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में अक्सर घरों, खेतों और पशुशालाओं में सांप निकल आते हैं। जानकारी के अभाव और डर के कारण लोग कई बार सांपों को मार देते हैं या उन्हें पकड़ने की कोशिश में स्वयं खतरे में पड़ जाते हैं। ऐसी परिस्थितियों में सूचना मिलते ही वह तुरंत मौके पर पहुंचते हैं और पूरी सावधानी के साथ सांप को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ देते हैं, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि या वन्यजीव को नुकसान न पहुंचे।
जसवीर पटियाल का मानना है कि सांप पर्यावरण और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए उन्हें मारने के बजाय सुरक्षित स्थान पर छोड़ना ही सबसे बेहतर विकल्प है। वह लोगों को जागरूक भी करते हैं कि सांप दिखाई देने पर घबराने या उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या संबंधित विभाग को सूचना दें।उनकी निस्वार्थ सेवा की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है। स्थानीय लोग उन्हें संकट की घड़ी में तुरंत मदद करने वाला एक समर्पित समाजसेवी मानते हैं। जसवीर पटियाल का यह कार्य न केवल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति समाज में सकारात्मक संदेश भी दे रहा है। उनके प्रयास यह साबित करते हैं कि यदि अनुभव और सेवा भावना का सही दिशा में उपयोग किया जाए तो समाज और पर्यावरण दोनों की प्रभावी रूप से रक्षा की जा सकती है।