Summer express/मंडी, धर्मवीर -: हिमाचल में जारी ओरेंज अलर्ट के बीच बीते रोज से सूबे में बारिश का क्रम रुक रुक कर जारी है। जिसके बाद मंडी जिला में ब्यास नदी के जलस्तर में भी इजाफा हो गया है और पंडोह में बने बांध से बीबीएमबी प्रबंधन द्वारा ब्यास नदी में 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। डैम में मौजदा समय में 50 हजार क्यूसेक के करीब पानी की आमद दर्ज की गई है।
इस मानसून सीजन में अब तक डेम से छोड़े गए पानी की यह सबसे अधिक मात्रा है। बांध के तीन गेटों के माध्यम से बीबीएमबी द्वारा यह पानी छोड़ा जा रहा है। ब्यास में पानी छोड़ने से पहले बीबीएमबी की ओर से अर्ली वार्निंग सिस्टम के माध्यम से सायरन बजाकर लोगों को सतर्क भी किया गया। बीबीएमबी अधिशाषी अभियंता चन्द्रमणी शर्मा ने बताया डेम के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। आवश्यकता पड़ने पर बांध से और पानी भी छोड़ा जा सकता है। उन्होंने साफ किया कि डैम के बढ़े जलस्तर के बाद किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन उन्होंने जनता व मवेशी चराने वाले लोगों को ब्यास नदी की आरे रूख न करने की हिदायत दी है।
जिला में 56 सड़के अभी भी बंद, 182 विद्युत ट्रांस्फॉर्मर प्रभावित:
बता दें कि इस बारिश से जिला में जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। बीते रोज से जारी बारिश के बाद जहां 56 ग्रामीण सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं, वहीं 182 विद्युत ट्रांस्फॉर्मर भी प्रभावित हुए हैं। वहीं शुक्रवार को जिला में चंडीगढ़-मनाली और मडी-पठानकोट नेशनल हाईवे पर हलकी फुलकी लैंडस्लाइड़ की घटनाएं भी देखने को मिली।