धर्मशाला, राहुल चावला-: आशा कार्यकर्ताओं समेत विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने सोमवार को धर्मशाला में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों से जुड़ी लंबित मांगों को सरकार के समक्ष उठाने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से जल्द समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की।
आशा कार्यकर्ता संघ की जिला सचिव कल्पना रंधावा ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक आशा वर्करों का मासिक मानदेय बढ़ाकर ₹30 हजार किया जाए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, इसलिए उनकी आर्थिक स्थिति और सेवा शर्तों में सुधार जरूरी है।प्रदेश परिवहन मजदूर संघ के अध्यक्ष प्यार सिंह ठाकुर ने कहा कि विभिन्न विभागों और कर्मचारी संगठनों ने संयुक्त रूप से अपनी मांगें प्रशासन के समक्ष रखी हैं। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए न्यूनतम ₹30 हजार मासिक वेतन तय करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए HRTC के बेड़े में पर्याप्त संख्या में डीजल बसें शामिल करने की मांग भी उठाई।उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का लंबित दूरी भत्ता और 1 जनवरी 2016 से लंबित एरियर का जल्द भुगतान किया जाना चाहिए। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित वित्तीय लाभों के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सरकार ने गंभीरता से विचार नहीं किया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगी। कर्मचारियों ने बताया कि उपायुक्त ने ज्ञापन को सरकार और प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। कर्मचारी संगठनों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए जल्द राहत प्रदान करेगी।