CM सुक्खू बोले- ‘अफसरों की नहीं, धरातल पर काम की जरूरत’,कल प्रियंका जाएंगी मंडी,विपक्ष पर साधा निशाना
शिमला, संजू -:हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य को आत्मनिर्भर बनाने और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक रूप देने की दिशा में कई ऐतिहासिक और बड़े फैसलों का ऐलान किया है।वही सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंडी के लिए 25 ई-बसों को ऑनलाइन हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के साथ-साथ एचआरटीसी के सुदृढ़ीकरण, कर्मचारियों के वित्तीय लाभों और आईएएस, आईपीएस तथा आईएफएस (IAS, IPS & IFS) कैडर में कटौती का पूरा खाका जनता के सामने रखा। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि प्रदेश को केवल कागजी अफसरों की फौज की जगह योजनाओं को धरातल पर उतारने वाले सुशासन की जरूरत है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मौके पर कहा कि सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए सरकार ने एचआरटीसी (HRTC) के बेड़े में 1,000 नई बसें खरीदने की फाइल को मंजूरी दे दी है। इससे पहले 300 इलेक्ट्रिक बसें दी जा चुकी हैं और जल्द ही 200 हाइड्रोजन बसें भी बेड़े में शामिल होंगी, जो एक बार चार्ज होने पर 300 से 380 किलोमीटर तक का सफर तय करेंगी। नई बसों के 12 साल के मेंटेनेंस का टेंडर जारी कर भुगतान कर दिया गया है। यदि बस खराब होती है, तो कंपनियों पर पेनल्टी लगाने का सख्त प्रावधान रखा गया है। सुक्खू सरकार का दावा है कि बेहतर माइलेज और चंडीगढ़ जैसे घाटे वाले रूटों पर सुचारू संचालन से एचआरटीसी अगले 5 वर्षों में पूरी तरह मुनाफे की स्थिति में आ जाएगी।
युवाओं और आम जनता के लिए रोजगार व राहत
योजनाओं की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ई-बस खरीदने वाले युवाओं को 50% सब्सिडी के साथ 5 साल तक ₹80,000 प्रति माह और डीजल बसों पर 30% सब्सिडी के साथ ₹50,000 प्रति माह देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा छात्रों को ₹5 प्रतिदिन में कॉलेज पास और महिलाओं को किराए में 50% की छूट जारी रहेगी।नेता प्रतिपक्ष के बयान पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के एरियर और राज्य की वित्तीय स्थिति पर स्थिति साफ करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध का सम्मान है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का पे-एरियर जारी कर दिया गया है, जबकि तृतीय श्रेणी के लिए 35% और प्रथम व द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के लिए 15% एरियर देने का फैसला लिया गया है। उन्होंने पूर्व सरकार पर 10,000 करोड़ रुपये की देनदारी छोड़ने और रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद किसी की पेंशन या वेतन रोके बिना राज्य को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर बड़े फैसले लेते हुए सीएम सुक्खू ने नौकरशाही और अफसरों के कैडर (IAS, IPS और IFS) में सीधी कटौती का ऐलान किया है। राज्य में आईएएस (IAS) के 153 स्वीकृत पदों को घटाकर 130 किया जा रहा है, जिसे आगे चलकर 100 से 110 के बीच लाया जाएगा। इसी तरह आईएफएस (IFS) के 118 पदों को घटाकर 83 और आईपीएस (IPS) के 96 पदों में भी कटौती की जा रही है। दिल्ली प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले अधिकारियों की फाइलों को तुरंत क्लीयरेंस दी जा रही है। सरकार का मानना है कि प्रशासनिक पदों और फिजूलखर्ची में इस कटौती से सालाना करीब ₹200 करोड़ की बचत होगी, जिसे जनसेवा और विकास कार्यों में लगाया जाएग.इसी दौरान प्रियंका गांधी के दौरे पर चल रही चर्चाओं को विराम देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक दौरा या रैली नहीं है। वे आपदा के समय किए गए वादे के मुताबिक निर्मित स्कूल का उद्घाटन करने और बच्चों से संवाद करने आ रही हैं। उनकी राजनीतिक जनसभाएं सितंबर माह में सोलन से प्रस्तावित होंगी।