summer express, यमुनानगर। जगाधरी-पाबनी-सढौरा मार्ग पर पर्याप्त बसें नहीं चलने से नाराज छात्राओं और ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह पाबनी के पास सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया और यातायात रोक दिया। जाम लगने से मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम खुलवाने का प्रयास किया।
छात्राओं का कहना है कि जगाधरी-पाबनी-सढौरा रूट पर फिलहाल केवल दो बसों का संचालन हो रहा है। इनमें से भी कई बार बसें निर्धारित समय पर नहीं पहुंचतीं। सुबह कॉलेज जाने के समय विद्यार्थियों की संख्या काफी अधिक रहती है। ऐसे में बसों में क्षमता से अधिक भीड़ हो जाती है और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को बस में जगह नहीं मिल पाती।
विद्यार्थियों के मुताबिक पाबनी और आसपास के गांवों से रोजाना 150 से अधिक छात्र-छात्राएं अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ाई के लिए सफर करते हैं। सुबह कॉलेज पहुंचने के समय परिवहन व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने के कारण उन्हें लंबे समय तक बसों का इंतजार करना पड़ता है। कई विद्यार्थियों की बस छूट जाने से कक्षाओं में पहुंचने में भी देरी होती है।
छात्राओं और ग्रामीणों ने बताया कि बसों की कमी की समस्या नई नहीं है। इस संबंध में परिवहन विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए इस रूट पर अतिरिक्त बसें चलाई जाएं और बसों के संचालन का समय भी तय किया जाए, ताकि छात्रों को रोजाना परेशानी न उठानी पड़े।
शुक्रवार सुबह जब काफी देर तक बसें नहीं मिलीं तो छात्राओं और ग्रामीणों ने पाबनी के पास सड़क पर बैठकर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलने पर थाना छप्पर प्रभारी अजय कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्राओं और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्या सुनी और जाम खोलने की अपील की। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि प्रदर्शनकारी अतिरिक्त बसें चलाने और परिवहन व्यवस्था में सुधार की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना है कि जब तक विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त बसों की व्यवस्था नहीं होती, तब तक समस्या बनी रहेगी।