Summer express, गुरुग्राम। केंद्रीय राज्य मंत्री एवं गुरुग्राम से लोकसभा सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर शहर में लगातार बढ़ रही जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हर साल बारिश के दौरान किए जाने वाले अस्थायी इंतजामों से अब समस्या का समाधान संभव नहीं है। गुरुग्राम के लिए दीर्घकालिक और वैज्ञानिक जल निकासी व्यवस्था तैयार करने की जरूरत है।
राव इंद्रजीत सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि पिछले करीब दो दशकों में गुरुग्राम में जलभराव की समस्या गंभीर होती गई है। शहर के तेजी से विस्तार के कारण कई प्राकृतिक जलमार्ग बाधित हो चुके हैं। पहाड़ों और नालों से आने वाला बारिश का पानी पहले ड्रेन नंबर-8 तक पहुंचता था, लेकिन कई स्थानों पर कॉलोनियों के निर्माण, सड़कों और अवैध कब्जों के कारण पानी के पुराने रास्ते प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक जलमार्गों पर हो चुके निर्माण को हटाना व्यावहारिक समाधान नहीं है। ऐसे में शहर में मेट्रो परियोजना की तर्ज पर भूमिगत जल निकासी नेटवर्क विकसित किया जा सकता है। इसके जरिए बारिश के पानी के लिए जमीन के नीचे वैकल्पिक मार्ग तैयार कर जलभराव की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
राव इंद्रजीत ने कहा कि केवल किसी एक स्थान पर पानी रोकने या निकासी की व्यवस्था करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। पानी को यदि एक जगह रोका जाएगा तो वह दूसरे स्थान से निकलने का रास्ता तलाशेगा। इसलिए पूरे गुरुग्राम के ड्रेनेज सिस्टम का तकनीकी और वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाना जरूरी है।
उन्होंने इस अध्ययन के लिए आईआईटी और अन्य तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों की मदद लेने का सुझाव दिया। उनके अनुसार, विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर गुरुग्राम के लिए व्यापक जल निकासी रोडमैप तैयार किया जा सकता है, जिससे भविष्य में बारिश के दौरान शहर को बार-बार होने वाले जलभराव से राहत मिल सके।
राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि गुरुग्राम आज देश के प्रमुख औद्योगिक और कॉरपोरेट केंद्रों में शामिल है। ऐसे में शहर की आधारभूत सुविधाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस और दीर्घकालिक योजना पर जल्द काम शुरू करने का आग्रह किया।