Summer express/शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राष्ट्रगान के कथित अपमान को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा पर तीखा पलटवार किया है। विपक्ष की ओर से विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने पहले गलती की और अब अपनी गलती को सुधारने के लिए तरह-तरह की बातें कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से अपना पक्ष रखा है कि भाजपा ने राष्ट्रगान का अपमान किया है।
राष्ट्रगान के बाद सवाल उठाना ही अपमान
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सदन में राष्ट्रगान सभी ने गाया, लेकिन राष्ट्रगान समाप्त होने के बाद उस पर सवाल उठाना ही अपमान की स्थिति पैदा करता है। उन्होंने राष्ट्रगीत को लेकर भी सदन की स्थापित परंपराओं और मर्यादाओं का ध्यान रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन की परंपराओं का पालन सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
जनता की अदालत में भी रखा जाएगा मुद्दा
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कांग्रेस सदन की परंपराओं का ध्यान नहीं रखेगी, तो भाजपा खुद को इस तरह के मुद्दों में उलझा हुआ पाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब सरकार की ओर से दिया जाएगा। साथ ही इस पूरे मामले को जनता की अदालत में भी रखा जाएगा, ताकि लोग वास्तविक स्थिति को समझ सकें।
स्कूलों के दाखिला फॉर्म से हटेगा जाति का कॉलम
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अगले शैक्षणिक सत्र से स्कूलों के दाखिला फॉर्म में जाति का कॉलम हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल में प्रवेश के समय ही बच्चों की पहचान जाति के आधार पर दर्ज किए जाने से उनके मन में हीन भावना पैदा हो सकती है। इसी सोच के तहत स्कूल प्रवेश फॉर्म और कॉलेज के प्रोस्पेक्टस से जाति सूचक कॉलम हटाने का निर्णय लिया गया है।हालांकि, सरकार की योजनाओं और आरक्षण से जुड़े लाभ लेने के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवानी होगी। सामान्य प्रवेश प्रक्रिया में जाति पूछने वाला कॉलम नहीं रखा जाएगा। सरकार का उद्देश्य बच्चों को शुरुआती स्तर पर जातिगत पहचान के दबाव से दूर रखना है।
मेडिकल कॉलेजों में नई आउटसोर्स भर्ती पर रोक
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में अब नई आउटसोर्स भर्ती नहीं की जाएगी। पहले से आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों को फिलहाल काम करते रहने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत स्टाफ नर्सों में से जो कर्मचारी नौकरी छोड़कर जा चुके हैं, उनकी जगह भी नई आउटसोर्स भर्ती नहीं की जाएगी।उन्होंने कहा कि भविष्य में नियमित और योजना आधारित भर्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना आधारित नियुक्तियां संबंधित योजनाओं के माध्यम से होंगी और भविष्य में इन कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया में भी परेशानी नहीं आएगी। सरकार भर्ती व्यवस्था को अधिक स्थायी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम कर रही है।
CBSE स्कूलों में भर्ती प्रक्रिया तेज
मुख्यमंत्री ने सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती को लेकर कहा कि सरकार ने 30 सितंबर तक भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की समयसीमा निर्धारित की है। भर्ती प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। अंग्रेजी, गणित, जूलॉजी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और यूजी शिक्षकों के परिणाम जारी किए जा चुके हैं।उन्होंने बताया कि संगीत शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी। साक्षात्कार के बाद चयनित शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की नियुक्ति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन शिक्षकों के साक्षात्कार हो चुके हैं, उनके परिणाम जारी करने और नियुक्ति की प्रक्रिया में भी तेजी लाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को रोजगार के बेहतर और स्थायी अवसर उपलब्ध करवाए जाएं।