लक्की मेहता | लुधियाना
समर न्यूज
पुराने शहर के ढोका मोहल्ला और आसपास के निचले इलाकों में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम ने बड़ा अभियान शुरू किया है। गऊघाट गुरुद्वारा के पास लंबे समय से चोक पड़ी 78 इंच व्यास की सीवर लाइन की सफाई के लिए अत्याधुनिक स्विस-जर्मन मशीनरी, रोबोटिक कैमरों और हाई-कैपेसिटी सुपर-सक्शन मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बुधवार को मेयर इंदरजीत कौर ने मौके पर पहुंचकर चल रहे काम का निरीक्षण किया और अधिकारियों से पूरी स्थिति की जानकारी ली।
मेयर ने कहा कि ढोका मोहल्ला और आसपास के लोगों को लंबे समय से जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसका एक बड़ा कारण यह महत्वपूर्ण सीवर लाइन का चोक होना है। नगर निगम अब समस्या के मूल कारण को दूर करने के लिए विशेषज्ञ मशीनरी और तकनीकी विशेषज्ञता की मदद ले रहा है। सीवर लाइन की क्षमता बहाल होने के बाद सीवरेज का बहाव बेहतर होगा और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या कम होने की उम्मीद है।
सीवर लाइन की सफाई शुरू करने से पहले नगर निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती इसके मैनहोल तक पहुंचने की थी। पुराने शहर में सीवर नेटवर्क काफी पुराना होने के कारण जरूरी मैनहोल का पता लगाना मुश्किल था। जांच के दौरान एक अहम मैनहोल गऊघाट गुरुद्वारा परिसर के अंदर मिला। इसके बाद नगर निगम ने आवश्यक व्यवस्था कर सीवर लाइन तक पहुंच बनाई और विशेषज्ञ मशीनरी से सफाई का काम शुरू किया। ऑपरेशन के दौरान रोबोटिक कैमरों को सीवर लाइन के अंदर भेजकर उसकी स्थिति की जांच की जा रही है। इससे अधिकारियों को यह पता लगाने में मदद मिल रही है कि लाइन में कहां-कहां गाद और रुकावट जमा है। इसके बाद हाई-पावर सुपर-सक्शन मशीनों के जरिए जमा गाद और अवरोध बाहर निकाले जा रहे हैं। सफाई के इस विशेष अभियान में स्विट्जरलैंड से आए विशेषज्ञ भी तकनीकी सहायता दे रहे हैं।
नगर निगम की योजना इस लाइन को साफ करने के साथ-साथ सीवरेज के बहाव को भट्टियां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की ओर बेहतर तरीके से मोड़ने की भी है। इससे मौजूदा समय में अधिक दबाव झेल रहे जमालपुर STP सिस्टम को राहत मिल सकती है। नगर निगम की तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार भट्टियां एसटीपी की क्षमता 161 एमएलडी है, लेकिन फिलहाल वहां करीब 70 एमएलडी सीवरेज ही पहुंच रहा है। गऊशाला क्षेत्र के नेटवर्क से पैदा होने वाला करीब 80 एमएलडी सीवरेज फिलहाल शिंगार सिनेमा और ट्रांसपोर्ट नगर डिस्पोजलों समेत अन्य व्यवस्थाओं के जरिए जमालपुर सिस्टम की ओर जा रहा है। इससे जमालपुर सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
तकनीकी प्रस्ताव में गुरुद्वारा क्षेत्र के पास सीवर नेटवर्क में टी-शेप बिफरकेशन बनाकर करीब 20 से 30 एमएलडी सीवरेज को जमालपुर से भट्टियां STP की ओर डायवर्ट करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए डायवर्जन चैनल और फ्लो कंट्रोल की व्यवस्था की जाएगी। इससे जमालपुर STP और उससे जुड़े नेटवर्क पर दबाव कम होने के साथ शिंगार सिनेमा और ट्रांसपोर्ट नगर डिस्पोजलों पर ओवरफ्लो का खतरा भी कम होने की संभावना है। तकनीकी आकलन के अनुसार मुख्य गऊशाला-भट्टियां ट्रंक सीवर लाइन की रुकावट दूर होने और प्रस्तावित डायवर्जन लागू होने के बाद भट्टियां एसटीपी का उपयोग करीब 80 प्रतिशत क्षमता तक किया जा सकता है। इससे शहर के सीवरेज नेटवर्क में बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।
नगर निगम की ओर से अंतरिम डायवर्जन व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर तैयार करने का प्रस्ताव है। इसके तहत विस्तृत अनुमान तैयार करने के लिए 24 घंटे, टेंडर और वर्क अवॉर्ड के लिए सात दिन तथा निर्माण के लिए तीन दिन का समय निर्धारित किया गया है। वहीं 78 इंच की मुख्य सीवर लाइन की पूरी डी-सिल्टिंग का काम पूरा होने में करीब एक से दो महीने लगने का अनुमान है।
मेयर इंदरजीत कौर ने कहा कि लोगों ने इस समस्या का खामियाजा लंबे समय तक भुगता है। नगर निगम अब केवल अस्थायी राहत देने के बजाय समस्या के मूल कारण को दूर करने पर काम कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल और स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस का सहयोग के लिए आभार जताया।
मेयर के निरीक्षण के दौरान पुंगरेन के चेयरमैन डॉ. तेजपाल सिंह गिल, नगर निगम के एसई एकजोत सिंह, नोडल ऑफिसर (ओ एंड एम सेल) कमल राम और PWSSB के कार्यकारी अभियंता बलराज सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। नगर निगम को उम्मीद है कि 78 इंच की इस पुरानी सीवर लाइन की सफाई पूरी होने के बाद ढोका मोहल्ला और बुद्ध दरिया के आसपास के निचले इलाकों में सीवरेज व्यवस्था बेहतर होगी। साथ ही जमालपुर सिस्टम पर दबाव कम कर शहर के सीवरेज नेटवर्क को अधिक प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सकेगा।