{बलौंगी में अवैध पीजी निर्माण का सिलसिला जारी, दशमेश नगर कॉलोनी में हुआ हादसा; नगर निगम और गमाडा की खींचतान में जिम्मेदारी से बच रहे अधिकारी
समर न्यूज | मोहाली
बलौंगी की एकता कॉलोनी में निर्माण कार्य को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार को सामने आई तस्वीर में एक इमारत की पांचवीं मंजिल पर लैंटर डाला जाता हुआ दिखाई दे रहा है। हैरानी की बात यह है कि भवन में सड़क की ओर करीब चार-चार फीट तक छज्जे बाहर निकले हुए नजर आ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कॉलोनी में लगातार ऊंची इमारतों का निर्माण हो रहा है। निर्माण के दौरान सड़क के आसपास जगह कम होने के कारण राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि ऊंचाई पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान नीचे से गुजरने वालों की सुरक्षा भी चिंता का विषय बनी हुई है।
{सड़क की तरफ बढ़ता निर्माण बना परेशानी: तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि पांचवीं मंजिल के लैंटर का काम चल रहा है और इमारत का हिस्सा सड़क की ओर काफी बाहर तक निकला हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या निर्माण कार्य स्वीकृत नक्शे और निर्धारित बिल्डिंग बायलॉज के मुताबिक किया जा रहा है।
{लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल: ऊंची मंजिल पर लैंटर डालने के दौरान निर्माण सामग्री नीचे गिरने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में सड़क से गुजरने वाले राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए उचित इंतजाम होना जरूरी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग को किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते जांच और कार्रवाई
करनी चाहिए।
{प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल
एकता कॉलोनी में लगातार बढ़ती बहुमंजिला इमारतों और पीजी को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर निर्माण की जांच करे और यह स्पष्ट करे कि पांचवीं मंजिल तथा बाहर निकले छज्जों के लिए मंजूरी है या नहीं। यदि निर्माण नियमों के विपरीत है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पांचवीं मंजिल से गिरा तसला, बाल-बाल बचा राहगीर
मोहाली| बलौंगी क्षेत्र में अवैध रूप से पीजी और बहुमंजिला इमारतों के निर्माण का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासनिक कार्रवाई के अभाव में निर्माणाधीन इमारतों में सुरक्षा मानकों की भी खुलेआम अनदेखी किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं।
ताजा मामला दशमेश नगर कॉलोनी, बलौंगी का है, जहां मॉन्टेसरी स्कूल के सामने निर्माणाधीन इमारत की पांचवीं मंजिल से काम कर रहे मजदूरों के हाथ से एक तसला नीचे गिर गया। गनीमत रही कि इसी दौरान वहां से मोटरसाइकिल पर गुजर रहा दिनेश, जो खुद बिलॉन्गी का रहने वाला है, बाल-बाल बच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तसला पांचवीं मंजिल से नीचे गिरा। यदि यह राहगीर के थोड़ा और करीब गिरता तो गंभीर हादसा हो सकता था। सड़क पर आने-जाने वाले लोगों और आसपास रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
{हादसा टला, लेकिन सवाल कायम: दिनेश के बाल-बाल बचने के बाद स्थानीय लोगों में यह चर्चा है कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है। यदि तसला मोटरसाइकिल सवार के सिर या शरीर पर गिर जाता तो गंभीर चोट या जान का नुकसान भी हो सकता था। ऐसे में अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस घटना को गंभीरता से लेते हुए निर्माण स्थल की जांच करता है या फिर मामला भी नगर निगम और गमाडा की आपसी जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया में उलझकर
रह जाएगा।
{निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों पर सवाल: जिस स्थान पर यह घटना हुई, वहां बहुमंजिला निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में निर्माण सामग्री के नीचे गिरने से राहगीरों और आसपास के लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। सवाल यह है कि क्या निर्माण स्थल पर जालियां, सुरक्षा कवर या अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं? यदि नहीं, तो संबंधित विभाग ने अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की?