समर न्यूज | चंडीगढ़
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से कथित मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में पंजाब पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की मांग के बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसी पर पलटवार किया है।
पंजाब में आप के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि ईडी को यदि आरोपों के संबंध में ठोस और विश्वसनीय सबूत मिले हैं तो उन्हें पंजाब पुलिस के साथ साझा
करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आप के नेता किसी जांच से नहीं डरते, लेकिन केवल आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती।
अरोड़ा ने ईडी के 31 अगस्त के तीसरे पत्र के संदर्भ में कहा कि मामला राजनीतिक बदले की कार्रवाई जैसा प्रतीत होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल पंजाब की आप सरकार और उसके नेताओं को बदनाम करने के लिए कर रही है। उनका कहना था कि यदि एजेंसी के पास पर्याप्त सामग्री है तो उसे सार्वजनिक जांच प्रक्रिया के अनुरूप संबंधित पुलिस एजेंसी को उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इसी मुद्दे पर अमृतसर में आप के पंजाब मुख्य प्रवक्ता और अजनाला विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने भी केंद्र सरकार और ईडी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी भाजपा के राजनीतिक विंग की तरह काम कर रही है और पंजाब में आप नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
धालीवाल ने कहा कि पार्टी पहले भी केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर चुकी है और वह किसी दबाव में नहीं झुकेगी। उन्होंने ईडी से सवाल किया कि जब पंजाब पुलिस ने दस्तावेज और साक्ष्य मांगे तो उन्हें स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराने में क्या परेशानी है।
पुलिस तबादलों व तैनातियों को प्रभावित करने का आरोप
ईडी ने पंजाब सरकार के इस रुख पर पलटवार करते हुए कहा है कि उसने पंजाब पुलिस को पहले ही पर्याप्त सामग्री उपलब्ध करा दी है। एजेंसी के मुताबिक, धनशोधन निवारण अधिनियम की धारा 66(2) के तहत 30 जुलाई और सात अगस्त को संबंधित सूचना और सामग्री भेजी गई थी। ईडी का कहना है कि यह सामग्री जांच, आकलन और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद साझा की गई थी। एजेंसी ने यह भी कहा कि एफआईआर दर्ज करने से पहले पुलिस की ओर से मूल स्रोत, चेन ऑफ कस्टडी या अतिरिक्त प्रमाणीकरण मांगना जरूरी शर्त नहीं है। ईडी ने अपने तीसरे पत्र में आरोप लगाया है कि कथित नेटवर्क में पुलिस तबादलों और तैनातियों को प्रभावित करने, गोपनीय सरकारी दस्तावेजों तक पहुंच बनाने, हवाला लेनदेन और जमीन से जुड़े सौदों में भूमिका निभाने जैसी गतिविधियां शामिल थीं। एजेंसी ने निजी व्यक्ति नितिन गोहल और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की अभी अदालत में पुष्टि नहीं हुई है।
सनटेक सिटी मामले में भी पुलिस ने मांगी राय
मोहाली के सनटेक सिटी से जुड़े अलग धनशोधन मामले में भी पंजाब पुलिस ने कार्रवाई आगे बढ़ाने से पहले मकान एवं शहरी विकास विभाग से ईडी के आरोपों पर टिप्पणी मांगी है। ईडी इस मामले में भूमि उपयोग परिवर्तन, लेआउट में बदलाव और सरकारी मंजूरियों से जुड़े कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। इस मामले में दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों से भी पूछताछ हो चुकी है या उन्हें तलब किया गया है। ईडी की जांच सनटेक सिटी और एल्टस स्पेस बिल्डर्स से जुड़े कथित लेनदेन तक पहुंची है। एजेंसी पहले ही सनटेक सिटी के प्रमोटर अजय सहगल को फर्जी सहमति पत्रों के जरिए भूमि उपयोग परिवर्तन की मंजूरी हासिल करने के कथित मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। ऐसे में सनटेक सिटी प्रकरण में भी अब पुलिस, हाउसिंग विभाग और ईडी के बीच उपलब्ध दस्तावेजों और आरोपों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।