Summer express/शिमला,संजू-: राजधानी के सिमिट्री और लोअर सिमिट्री क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले चार दिनों में कुत्ते करीब 10 से 15 लोगों को काट चुके हैं। लगातार हो रही घटनाओं से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। अभिभावकों को बच्चों को स्कूल और ट्यूशन भेजने की चिंता सताने लगी है, वहीं बुजुर्ग भी घर से अकेले निकलने से डर रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सिमिट्री और लोअर सिमिट्री शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में शामिल हैं। यहां बड़ी संख्या में परिवार रहते हैं और सुबह-शाम लोगों की आवाजाही रहती है। गलियों और रास्तों पर घूमने वाले कुत्तों के झुंड राहगीरों पर हमला कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रीना शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कुत्तों के हमले की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर लोग चिंतित हैं। उन्होंने नगर निगम के महापौर और आयुक्त से मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर प्रभावित क्षेत्र में कार्रवाई करने की मांग की।स्थानीय निवासी सुनीत मेहता ने बताया कि कुत्तों के झुंड के कारण लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। वहीं निखिल, जो ट्यूशन से घर लौट रहा था, पर भी कुत्तों ने हमला करने का प्रयास किया। स्थानीय निवासी सुरेंद्र और विकी ने बताया कि शाम और सुबह के समय स्थिति अधिक खतरनाक हो जाती है। बच्चों को अकेले बाहर भेजने में डर लग रहा है।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि आवारा और आक्रामक कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने शहर में डॉग होम शेल्टर बनाने की भी मांग उठाई है, ताकि आक्रामक कुत्तों को सुरक्षित रूप से वहां रखा जा सके और लोगों पर होने वाले हमलों को रोका जा सके।निवासियों का कहना है कि यदि नगर निगम ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने निगम से टीम भेजकर इलाके का सर्वे करने और बच्चों व बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।
रीना शर्मा, जिलाध्यक्ष, भाजपा महिला मोर्चा :
“लोअर सिमिट्री में कुत्तों के हमले की घटनाएं चिंताजनक हैं। चार दिनों में बड़ी संख्या में लोग इसका शिकार हुए हैं। नगर निगम को बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
सुनीत मेहता, स्थानीय निवासी :
“क्षेत्र में कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं। अब लोगों को पैदल निकलने में भी डर लगने लगा है। नगर निगम को इसका स्थायी समाधान करना चाहिए।”
निखिल :
“मैं ट्यूशन से घर आ रहा था, तभी रास्ते में कुत्तों ने मुझे घेर लिया। किसी तरह बचकर वहां से निकला। अब अकेले आने-जाने में डर लगता है।”
सुरेंद्र, स्थानीय निवासी :
“सुबह और शाम के समय कुत्तों का आतंक ज्यादा रहता है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक खतरा है। निगम को जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।”
विकी, स्थानीय निवासी :
“हमने महापौर और निगम आयुक्त से मांग की है कि कुत्तों के लिए होम शेल्टर बनाया जाए। आक्रामक कुत्तों को वहां रखने की व्यवस्था हो, ताकि लोगों को राहत मिल सके।”