Summer express , अंकुर कपूर, अंबाला। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर अंबाला के मंदिरों और बाजारों में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। चार सितंबर को मनाए जाने वाले जन्माष्टमी पर्व से पहले शहर के प्रमुख मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। श्रद्धालु भी मंदिरों की सजावट और अन्य व्यवस्थाओं में सेवा भाव से जुटे हुए हैं। वहीं, बाजारों में लड्डू गोपाल की प्रतिमाओं, पोशाकों, श्रृंगार सामग्री और पूजा से जुड़ी वस्तुओं की मांग बढ़ गई है।
अंबाला के ऐतिहासिक सनातन धर्म मंदिर में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिर परिसर को फूलों और विभिन्न सजावटी वस्तुओं से सजाया गया है। श्रद्धालुओं का मंदिर में पहुंचना शुरू हो गया है। मंदिर के पुजारी बुद्धि वल्लभ शास्त्री ने बताया कि चार सितंबर को जन्माष्टमी का पर्व मंदिर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दिन विशेष योग होने के कारण श्रद्धालुओं में भी पर्व को लेकर उत्साह है।
मंदिर के पदाधिकारी राजेश गुप्ता के अनुसार सनातन धर्म मंदिर काफी प्राचीन है। वर्ष 1934 में निर्मित इस मंदिर की अंबाला में विशेष मान्यता है। जन्माष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। उन्होंने बताया कि चार सितंबर की शाम छह बजे के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, जिसके बाद लोग मंदिर में पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के अनुसार यहां हर वर्ष जन्माष्टमी का पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल रहता है। जन्माष्टमी से पहले मंदिर की विशेष सजावट की जाती है। फूलों से आकर्षक झांकियां तैयार की जाती हैं, जिनके लिए राजस्थान से भी फूल मंगवाए जाते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि झांकियां और मंदिर की सजावट लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहती हैं।
जन्माष्टमी को लेकर अंबाला के बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। दुकानों पर भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमाओं के लिए रंग-बिरंगी पोशाकें, मुकुट, आभूषण, श्रृंगार सामग्री और पूजा का सामान उपलब्ध है। लोग अपने घरों के मंदिरों को सजाने के लिए सामान खरीद रहे हैं।
पिछले करीब 20 वर्षों से श्रीकृष्ण की पूजा और श्रृंगार सामग्री बेच रही एक महिला दुकानदार ने बताया कि जन्माष्टमी से कई दिन पहले ही बाजार में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगती है। लोग अपने लड्डू गोपाल को आकर्षक ढंग से सजाने के लिए अलग-अलग पोशाक और श्रृंगार सामग्री खरीद रहे हैं। पर्व को लेकर दुकानदारों के साथ-साथ श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।