Summer express , सोनीपत। दिल्ली के नरेला क्षेत्र में सोनीपत के चर्चित प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद (40) की हत्या के बाद तनाव का माहौल बना हुआ है। हत्या से आक्रोशित नाहरी गांव के ग्रामीणों और परिजनों ने शुक्रवार को कुंडली-सिंघु रोड पर प्रदर्शन करते हुए यातायात रोक दिया। सैकड़ों महिला और पुरुष ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मौके पर पहुंचे और सड़क पर धरना देकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को देखते हुए सोनीपत पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय और भावुक हो गया, जब मृतक की एक रिश्तेदार महिला अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी।
परिजनों ने कहा कि जब तक हत्यारोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। मृतक के बड़े भाई विनोद ने हरियाणा में बढ़ते अपराध पर चिंता जताते हुए सरकार से अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने उत्तर प्रदेश में अपराध नियंत्रण के लिए अपनाए जा रहे योगी मॉडल का भी उल्लेख किया।
परिजनों के मुताबिक प्रमोद को पिछले करीब तीन वर्षों से एक कुख्यात गैंगस्टर की ओर से जान से मारने और रंगदारी की धमकियां मिल रही थीं। खतरे को देखते हुए उन्होंने अपनी लैंड रोवर डिफेंडर और एंडेवर जैसी गाड़ियों को बुलेटप्रूफ तक कराया था। हालांकि घटना के दिन वह सामान्य स्कॉर्पियो से जिम पहुंचे थे।
बताया गया कि गुरुवार सुबह करीब 6:38 बजे प्रमोद अपने बिजनेस पार्टनर पवन के साथ नरेला स्थित जिम के लिए रवाना हुए थे। करीब सात बजे जिम पहुंचने पर प्रमोद मोबाइल पर आए संदेश को देखने के लिए कुछ देर रुके, जबकि पवन आगे निकल गए। इसी दौरान पहले से घात लगाए दो हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी। दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर करीब 16 गोलियां चलाईं, जिससे प्रमोद की मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि प्रमोद के पास लाइसेंसी पिस्टल थी, लेकिन घटना के समय उन्होंने उसे कार में ही छोड़ दिया था। उनका कहना है कि करीब तीन वर्ष पहले धमकियों को लेकर कुंडली पुलिस को लिखित शिकायत भी दी गई थी, लेकिन उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिली।
नाहरी गांव निवासी प्रमोद ने बेहद संघर्षपूर्ण परिस्थितियों से आगे बढ़कर अपनी पहचान बनाई थी। उनकी 75 वर्षीय मां साबो देवी के अनुसार, जब प्रमोद नौवीं कक्षा में थे, तभी सेना में कार्यरत उनके पिता का निधन हो गया था। 12वीं के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए उन्होंने निजी बस में कंडक्टर की नौकरी की। बाद में ठेके पर बसें चलाने के साथ रक्षा विभाग में ड्राइविंग का काम भी किया।
करीब 15 वर्ष पहले प्रमोद ने प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार में कदम रखा। मेहनत और कारोबार के विस्तार के बाद उन्होंने गांव में आलीशान मकान, कार्यालय और ‘मुकुल’ नाम से मैरिज पैलेस बनाया। प्रमोद अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं।
परिवार अब पुलिस से हत्यारोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी और मामले में कठोर कार्रवाई की मांग कर रहा है। वहीं, हत्या के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।