summer express , रेवाड़ी। जिले के गांव बोड़िया कमालपुर स्थित बड़े शिव मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के कार्यक्रम के दौरान आधी रात को कथित हवाई फायरिंग से हड़कंप मच गया। दही-हांडी तोड़ने को लेकर हुए विवाद के बीच करीब चार राउंड फायर किए जाने की सूचना है। गोलियों की आवाज सुनते ही मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, जन्माष्टमी के अवसर पर बड़े शिव मंदिर में जागरण का आयोजन किया जा रहा था। आधी रात के समय दही-हांडी तोड़ने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान मंदिर परिसर की लाइट बंद कर दी गई। आरोप है कि गांव के युवक प्रमोद ने मांढिया गांव निवासी संजीत, चीकू और सोले के साथ मिलकर मटकी तोड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान अंधेरे में मटकी की दिशा में फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, इस दौरान करीब चार राउंड हवाई फायरिंग हुई। लगातार गोलियों की आवाज सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फायरिंग में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सदर थाना प्रभारी राकेश कुमार के अनुसार, दही-हांडी तोड़ने को लेकर विवाद के दौरान फायरिंग की सूचना मिली थी। ग्रामीणों ने चार राउंड हवाई फायरिंग की जानकारी दी है और मामले की जांच की जा रही है।
घटना के मद्देनजर शनिवार को मंदिर में आयोजित भंडारे के दौरान पुलिस की विशेष मौजूदगी रही। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो और माहौल शांत बना रहे।
गांव की सरपंच नेहा ने बताया कि रात में मंदिर परिसर में फायरिंग होने की सूचना मिली थी। सुबह जानकारी मिली कि गांव के एक युवक ने दूसरे गांव के कुछ युवकों के साथ मिलकर मटकी तोड़ने के दौरान कथित तौर पर फायरिंग की। मंदिर कमेटी के सदस्य अभय सिंह ने भी घटना की सूचना पुलिस को दिए जाने की पुष्टि की।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में हर वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दोनों मंदिरों में कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इस बार रेवाड़ी में रह रही गांव की एक महिला की मौत के बाद छोटे मंदिर में प्रस्तावित कार्यक्रम रद्द कर दिया गया था, जबकि बड़े मंदिर के कुछ आयोजकों ने कार्यक्रम जारी रखने का निर्णय लिया। इसके बाद हुई फायरिंग की घटना को गांव में चल रही गुटबाजी से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि फायरिंग की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।