Summer express ,रेवाड़ी | मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के रविवार को रेवाड़ी दौरे से पहले पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। एनएसयूआई छात्र नेता रवि मसीत समेत कांग्रेस से जुड़े कुछ नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है। नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
एनएसयूआई नेता रवि मसीत ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस उन्हें घर में रोककर उनकी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा सकती है, लेकिन उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों, युवाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने का उनका प्रयास आगे भी जारी रहेगा।
रवि मसीत के मुताबिक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार के सामने जनता की समस्याएं रखना और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को इसी अधिकार पर रोक लगाने वाला कदम बताया।
वहीं, कॉमरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने भी दावा किया कि मुख्यमंत्री के रेवाड़ी पहुंचने से पहले सुबह पुलिस ने उन्हें उनके निवास से हिरासत में ले लिया। उन्होंने इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक और गैरकानूनी करार दिया।
रेवाड़ी ग्रामीण कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुभाष छावड़ी की ओर से भी दावा किया गया कि पुलिस ने उन्हें रात से ही हिरासत में रखा हुआ है। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि लोकतंत्र में सरकार के समक्ष अपनी बात रखना और जनता की समस्याओं को उठाना क्या अब अपराध माना जाएगा।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार और प्रशासन को विपक्ष की आवाज को रोकने के बजाय जनता से जुड़े मुद्दों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर अपनी नाराजगी जताते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को रेवाड़ी में आयोजित यूथ हाफ मैराथन में शामिल हुए। नशे के खिलाफ जागरूकता के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।