Summer express/धर्मशाला, राहुल-: कांगड़ा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन डल झील मेले का शुभारंभ इस वर्ष 16 सितंबर को भव्य महाआरती के साथ किया जाएगा।मेले को सफल, व्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में उप मुख्य सचेतक एवं शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने लघु सचिवालय धर्मशाला स्थित कैबिनेट हॉल में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर मेले की तैयारियों का जायजा लिया।बैठक में मेले से जुड़े विभिन्न कार्यों और व्यवस्थाओं की विभागवार समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि आयोजन से संबंधित सभी तैयारियां 15 सितंबर तक हर हाल में पूरी कर ली जाएं, ताकि मेले के दौरान श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि डल झील मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की पुरातन परंपराओं, संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
केवल सिंह पठानिया ने अधिकारियों से कहा कि मेले में आने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने आयोजन स्थल के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी साफ-सफाई,यातायात और मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को पहले से ही सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने होंगे।
यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
बैठक में कानून एवं व्यवस्था तथा यातायात प्रबंधन को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई।विधायक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले के दौरान यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रभावी योजना तैयार की जाए। वाहनों की आवाजाही, पार्किंग स्थलों,पैदल श्रद्धालुओं की आवाजाही और आयोजन स्थल के आसपास भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त प्रबंध किए जाएं।
उन्होंने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही अग्निशमन विभाग और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी रखने के निर्देश दिए गए।उन्होंने कहा कि मेले जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है। इसलिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें और अपने-अपने दायित्वों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करें।
श्रद्धालुओं के लिए स्नान की बेहतर व्यवस्था
डल झील मेले के धार्मिक महत्व को देखते हुए बैठक में झील स्नान की व्यवस्था को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। केवल सिंह पठानिया ने कहा कि वर्षों से डल झील स्नान को मणिमहेश स्नान के समान धार्मिक महत्व के रूप में देखा जाता रहा है। ऐसे में यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए स्नान के लिए उचित एवं सुरक्षित प्रबंध किए जाने चाहिए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि झील में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाए। महिलाओं की निजता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग से विशेष टेंट लगाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।इसके अतिरिक्त झील और मेला क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। पर्याप्त संख्या में शौचालय, पेयजल सुविधा और कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था करने को कहा गया, ताकि मेले के दौरान क्षेत्र की स्वच्छता प्रभावित न हो।स्वास्थ्य सेवाओं और आपात प्रबंधन की होगी व्यवस्था
मेले में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए। आयोजन स्थल पर चिकित्सा सहायता केंद्र, आवश्यक दवाइयां तथा आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
पठानिया ने कहा कि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासन को पूरी तरह तैयार रहना होगा। उन्होंने आपदा प्रबंधन, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय से प्रभावी आपातकालीन योजना तैयार रखने के निर्देश दिए।
बिजली, पानी और प्रकाश व्यवस्था भी होगी दुरुस्त
बैठक के दौरान पेयजल, बिजली आपूर्ति और प्रकाश व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मेला क्षेत्र में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध रहे तथा अस्थायी व्यवस्थाओं के बावजूद पानी की आपूर्ति बाधित न हो। इसी तरह आयोजन स्थल और आसपास के मार्गों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने को कहा गया।
सड़क, पार्किंग और सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर भी विभागों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि श्रद्धालुओं को वाहन खड़ा करने, मेला स्थल तक पहुंचने और वापस लौटने में अनावश्यक परेशानी न हो।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजेगा मेला
बैठक में डल झील मेले के दौरान आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा हुई। क्षेत्र की लोक संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा। अधिकारियों ने कार्यक्रमों की तैयारियों और संबंधित जिम्मेदारियों की जानकारी बैठक में साझा की।बैठक का संचालन एसडीएम धर्मशाला मोहित रत्न ने किया। इस दौरान हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज ठाकुर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हरभजन सिंह, आसपास की पंचायतों के जनप्रतिनिधि, प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।बैठक में अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की तैयारियों की जानकारी देते हुए निर्धारित कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का भरोसा दिलाया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा तथा धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।