Summer express/मंडी, धर्मवीर-: शहर के फुटपाथ इन दिनों राहगीरों के लिए सुविधा के बजाय परेशानी और खतरे का कारण बनते जा रहे हैं। मंडी नगर निगम क्षेत्र के कई वार्डों और मुख्य बाजार में फुटपाथ पर लगाए गए लोहे के जाल लंबे समय से टूटे पड़े हैं। कहीं जाल उखड़ चुके हैं तो कहीं इनके स्थान पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। कई जगहों पर लोहे की जालियां पूरी तरह गायब हैं। ऐसे में पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि समस्या कई महीनों से बनी हुई है, लेकिन नगर निगम की ओर से अभी तक इन जालों की मरम्मत का काम शुरू नहीं करवाया गया है। शहर की नई निगम सरकार को करीब दो महीने का समय बीत चुका है, इसके बावजूद फुटपाथ की इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग इन रास्तों से गुजरते हैं और उन्हें मजबूरी में टूटे जालों के ऊपर से होकर निकलना पड़ता है।
शहरवासियों का कहना है कि फुटपाथ का उद्देश्य राहगीरों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध करवाना है, लेकिन मंडी में कई स्थानों पर यही फुटपाथ दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। टूटे हुए जालों के बीच पैर फंसने से लोग गिर रहे हैं। बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के लिए यह समस्या और भी गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि शहर में जहां-जहां फुटपाथ के जाल क्षतिग्रस्त हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत करवाई जाए।
पुरानी मंडी निवासी दिनेश कुमार ने बताया कि शहर के कई हिस्सों में फुटपाथ पर लगे लोहे के जाल टूटने के बाद बड़े-बड़े गड्ढों का रूप ले चुके हैं। राहगीरों को इनसे होकर गुजरने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कई बार लोगों का पैर इन जालों में फंस जाता है और वे चोटिल हो जाते हैं। उनका कहना है कि नगर निगम को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किए बिना इनकी मरम्मत करवानी चाहिए।स्थानीय निवासी देवेंद्र कैंथ ने बताया कि महामृत्युंजय चौक से रामनगर की तरफ जाने वाले फुटपाथ की स्थिति भी काफी खराब है। इस मार्ग पर जगह-जगह लोहे के जाल टूटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि वह स्वयं भी एक बार टूटे जाल में पैर फंसने के कारण दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। उनके अनुसार, इसी तरह की एक घटना में एक महिला का पैर भी फुटपाथ के टूटे जाल में फंस गया था और वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। स्थानीय लोगों का दावा है कि उपचार के दौरान उक्त महिला की मौत भी हो गई थी। ऐसे मामलों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर लोगों में नगर निगम के प्रति नाराजगी है।
शहरवासियों का कहना है कि फुटपाथ के जालों की मरम्मत कोई बड़ा और जटिल काम नहीं है। यदि समय रहते क्षतिग्रस्त हिस्सों को ठीक कर दिया जाए तो हादसों को रोका जा सकता है। लोगों ने नगर निगम से शहर के सभी वार्डों में फुटपाथों का निरीक्षण करवाने और खराब जालों की सूची तैयार कर तत्काल मरम्मत करवाने की मांग की है।
वहीं, इस मामले को लेकर नगर निगम मंडी की मेयर सुमन ठाकुर का कहना है कि निगम के पास वर्तमान में वेल्डर उपलब्ध नहीं होने के कारण जालों की मरम्मत का काम प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि इस विषय को नगर निगम हाउस की बैठक में भी उठाया गया है। पार्षदों के साथ चर्चा के बाद ठेकेदार के माध्यम से टूटे हुए जालों की मरम्मत करवाने पर सहमति बनी है।मेयर ने आश्वासन दिया कि जल्द ही ठेकेदार के माध्यम से शहर के क्षतिग्रस्त फुटपाथ जालों की मरम्मत शुरू करवाई जाएगी।उन्होंने माना कि शहरवासियों को इससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और इस समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करवाया जाएगा।अब देखना होगा कि नगर निगम की ओर से दिया गया यह आश्वासन जमीनी स्तर पर कब तक अमल में आता है। क्योंकि टूटे फुटपाथ जालों के कारण लगातार बने हुए हादसों के खतरे के बीच शहरवासियों को मरम्मत का इंतजार है।