Summer express, अंबाला | अंबाला जिले में जमीन के इंतकाल दर्ज न होने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। रजिस्ट्री कराने के बाद भी कई लोगों के इंतकाल दर्ज नहीं हो पा रहे हैं, जिसके चलते उन्हें मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों के लिए तहसील और पटवारखानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। समाधान शिविरों में शिकायतें देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
जानकारी के अनुसार, जिले में लंबित इंतकाल का आंकड़ा करीब 15 दिन में ही 11 हजार से बढ़कर 14,400 के पार पहुंच गया है। अधिकारियों के अनुसार पोर्टल के सॉफ्टवेयर में तकनीकी समस्या के कारण पिछले करीब चार महीने से नए इंतकाल दर्ज करने में दिक्कत आ रही है। सॉफ्टवेयर के अपडेशन का काम चलने की बात कही जा रही है।
अंबाला सिटी तहसील में सबसे अधिक 3,740 इंतकाल लंबित हैं। इसके अलावा नारायणगढ़ में 2,525, शहजादपुर उपतहसील में 1,927, अंबाला छावनी तहसील में 1,835, साहा उपतहसील में 1,621, मुलाना में 1,556 और बराड़ा तहसील में 1,250 इंतकाल लंबित पड़े हैं।
लंबे समय से इंतकाल दर्ज न होने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छावनी निवासी छज्जू सिंह ने बताया कि उन्होंने जनवरी में अपनी जमीन की रजिस्ट्री करवाई थी, लेकिन करीब सात महीने बीतने के बाद भी इंतकाल दर्ज नहीं हुआ। उनका कहना है कि इस काम के लिए वह कई बार पटवारखाने के चक्कर लगा चुके हैं।
इसी तरह बब्याल निवासी सोनिया ने बताया कि वह पिछले तीन महीने से इंतकाल दर्ज करवाने के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं। उन्होंने दो बार समाधान शिविर में एसडीएम और नायब तहसीलदार के सामने भी अपनी समस्या रखी, लेकिन अभी तक इंतकाल दर्ज नहीं हो पाया।
बोह निवासी अविनाश ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन इंतकाल दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन पटवारी ने उन्हें तीन दिन बाद आने के लिए कहा। उनका कहना है कि कई महीनों से प्रक्रिया पूरी कराने के लिए उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
वहीं, अंबाला छावनी के नायब तहसीलदार आशीष ने बताया कि सॉफ्टवेयर में अपडेशन का कार्य चल रहा है। इसी तकनीकी समस्या के कारण इंतकाल लंबित हैं। उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर संबंधी दिक्कत दूर होने के बाद लंबित इंतकाल दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि तकनीकी टीम सॉफ्टवेयर की खामियों को दूर करने में लगी हुई है। हालांकि, लोगों का कहना है कि समस्या कई महीनों से बनी हुई है और उन्हें लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अब लोगों को इंतकाल दर्ज होने और राजस्व रिकॉर्ड अपडेट होने का इंतजार है।