एजेंसी | लखनऊ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बदलते तकनीकी दौर में केवल पढ़ना-लिखना जानना पर्याप्त नहीं है। लोगों को डिजिटल साक्षरता के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भी समझ विकसित करनी होगी।
उन्होंने कहा कि एआई समेत उभरती तकनीकें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम लिखे संदेश में शिक्षा की व्यापक भूमिका पर जोर दिया।
योगी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य बच्चों को सिर्फ अक्षर ज्ञान देना नहीं, बल्कि उनमें ज्ञान, संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और सही दिशा की समझ विकसित करना भी है। उन्होंने शिक्षक को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताते हुए कहा कि तकनीक के विस्तार के बीच शिक्षक की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।
तकनीक के साथ जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई का इस्तेमाल समझदारी और जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए। विद्यार्थियों को नई तकनीक के लाभ के साथ उसके सही और सुरक्षित उपयोग की जानकारी देना जरूरी है।
प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए डिजिटल और एआई आधारित पहल पर जोर दिया जा रहा है।
साक्षरता का दायरा बढ़ा: योगी ने कहा कि आज साक्षरता का अर्थ केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं रह गया है। डिजिटल दुनिया में प्रभावी भागीदारी के लिए तकनीकी समझ भी आवश्यक है। केंद्र की शिक्षा नीति में भी स्कूली स्तर पर एआई और उभरती तकनीकों से जुड़ी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में प्रावधान किए गए हैं।