शगुन कश्यप । चंडीगढ़
समर न्यूज
शहर में बंदरों की बढ़ती संख्या लोगों के लिए गंभीर परेशानी बनती जा रही है। शनिवार को सेक्टर-22बी में एक बंदर ने 34 वर्षीय महिला पर हमला कर उनके पैर पर तीन जगह काट लिया। घायल महिला को उपचार के साथ जरूरी इंजेक्शन लगवाने पड़े।
सेक्टर-22बी निवासी सिमरनजोत कौर अपने आठ वर्षीय बेटे के साथ एक मकान की दूसरी मंजिल पर किराए पर रहती हैं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा अचानक छत पर बने बाथरूम में चला गया था। बंदरों के हमले की आशंका के चलते वह भी उसके पीछे छत पर पहुंचीं। जैसे ही वह बाथरूम का दरवाजा बंद करने लगीं, एक बंदर ने उन पर हमला कर दिया। स्थानीय निवासियों के मुताबिक इलाके में अब तक चार लोगों को बंदर काट चुके हैं। बंदरों के झुंड घरों, छतों और गलियों में घूमते रहते हैं। खाने-पीने का सामान लेकर निकलने वाले लोगों के पीछे भी बंदर पड़ जाते हैं। इससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिवारों में डर बढ़ गया है।
लोग बंदरों से बचने के लिए छतों और दीवारों पर लंगूर के कटआउट लगा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे बंदर कुछ समय तक दूर रहते हैं, लेकिन बाद में दोबारा लौट आते हैं। नगर निगम पहले लंगूर की आवाज निकालने वाले मिमिकर-कम-रेस्क्यू ऑपरेटरों की सेवाएं भी ले चुका है।
वर्ष 2022 में नगर निगम द्वारा करवाए गए सर्वे में चंडीगढ़ में करीब 1,326 बंदर मिले थे और आठ प्रमुख हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए थे। लोगों ने नगर निगम से बंदरों को केवल भगाने के बजाय स्थायी समाधान करने की मांग की है।
प्रशासन ने नागरिकों से बंदरों को खाना न खिलाने, उन्हें छेड़ने, सीधे आंख मिलाने तथा उनके बच्चों के पास जाने से बचने की अपील
की है।