सीआईए टीम की रेकी के दौरान आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की
{क्रॉस फायरिंग में मनीष को लगी गोली; सीआईए के एसआई जतेंद्र कुमार भी घायल
सागर पाहवा । मोहाली
समर न्यूज
फेज-10 में जुबली वॉक के मालिक व पार्टनर के घर पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फायरिंग में शामिल शूटरों को कथित तौर पर पनाह देने वाले चंडीगढ़ निवासी आरोपी मनीष का पुलिस के साथ एनकाउंटर हो गया। क्रॉस फायरिंग के दौरान मनीष को गोली लगी, जबकि कार्रवाई में सीआईए के सब इंस्पैक्टर जतेंद्र कुमार भी घायल हो गए।
उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर प्रदीप बाजवा ने बताया कि पुलिस को इनपुट मिला था कि फायरिंग की वारदात से जुड़े शूटरों को मनीष ने पनाह दी थी। सीसीटीवी फुटेज और अन्य इनपुट के आधार पर पुलिस उसकी रेकी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम के सामने आने पर आरोपी ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की और फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से हुई क्रॉस फायरिंग के दौरान आरोपी मनीष को गोली लगी। वहीं, सीआईए टीम के एसआई जतेंद्र कुमार को भी चोटें आईं। उन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
{फेज-10 फायरिंग से जुड़ा अहम कनेक्शन: पुलिस जांच में सामने आया है कि फेज-10 में जुबली वॉक के मालिक के पार्टनर के घर पर हुई फायरिंग की वारदात में शामिल शूटरों को इसी आरोपी ने कथित तौर पर पनाह दी थी। पुलिस अब मनीष से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि शूटरों को कहां पनाह दी गई थी और वारदात की योजना में उसकी क्या भूमिका थी।
{चंडीगढ़-पंचकूला में छह मामले दर्ज: सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर प्रदीप बाजवा के अनुसार, आरोपी मनीष के खिलाफ चंडीगढ़ और पंचकूला में कुल छह मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के साथ-साथ फेज-10 फायरिंग मामले में उसकी भूमिका और उसके संपर्कों की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मनीष के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे तथा फेज-10 फायरिंग की वारदात के पीछे किसका हाथ है। आरोपी से पूछताछ के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
मनीष एनकाउंटर में नया मोड़, सादा कपड़ों में 5 युवकों ने की फायरिंग, पेट में लगी गोली: हरमन
समर न्यूज | मोहाली
सेक्टर-52 में देर रात हुई फायरिंग के मामले में नया मोड़ सामने आया है। घायल मनीष के साथ मौजूद उसकी दोस्त हरमन ने पुलिस के दावे से अलग घटनाक्रम बताया है। हरमन के मुताबिक, मनीष देर रात उसके साथ सेक्टर-52 में पेट्रोल डलवाने पहुंचा था। मोहाली से ही कुछ युवक उनका पीछा कर रहे थे।
सेक्टर-52 में पहुंचते ही सिविल कपड़ों में करीब 5 युवक अचानक वहां आए और मनीष पर फायरिंग शुरू कर दी। हरमन का दावा है कि हमलावरों ने मनीष को गाड़ी से बाहर खींचने की भी कोशिश की। इस दौरान एक गोली उसके पेट में लगी। गोली लगने के बाद मनीष खुद गाड़ी लेकर वहां से निकला और रास्ते में अपने दोस्तों को फोन किया। हरमन ने दावा किया कि फायरिंग करने वालों में कुछ लोग पुलिसकर्मी जैसे दिखाई दे रहे थे। हालांकि, इस दावे की अभी पुलिस की ओर से पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं पुलिस का कहना है कि मनीष का पीछा मोहाली से किया जा रहा था और उसने पुलिस पर फायरिंग की थी। सीआईए इंस्पेक्टर प्रदीप बाजवा के मुताबिक पुलिस मनीष का मोहाली से पीछा कर रही थी और कार्रवाई सीसीटीवी फुटेज में सामने आई जानकारी के आधार पर की गई। मनीष का मोहाली से पीछा किया जा रहा था। इसी दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस की ओर से कार्रवाई की गई।