summer express ,गुरुग्राम। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के गुरुग्राम दौरे से पहले पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। इसी दौरान कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके घरों पर नजरबंद किए जाने का मामला सामने आया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पुलिस और इंटेलिजेंस टीमों ने उन्हें घर से बाहर निकलने से रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई।
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष वर्धन यादव के आवास और कार्यालय के आसपास सादी वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात दिखाई दिए। वहीं, कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष पंकज डावर से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए इंटेलिजेंस टीमों ने फोन किया। हालांकि, पंकज डावर सुबह करीब नौ बजे अपने निजी काम से रोहतक के लिए रवाना हो गए थे। इसके अलावा ब्लॉक अध्यक्ष सुनील यादव समेत कुछ अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी उनके घरों में नजरबंद किए जाने की बात सामने आई है।
वर्धन यादव ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर इस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उनके घरों में नजरबंद करना बेहद निंदनीय है और यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता और विपक्ष के सवालों से घबरा गई है, इसलिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को घरों में रोकने का प्रयास किया जा रहा है। वर्धन यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने सभी कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़ी है।
शहरी जिला अध्यक्ष पंकज डावर ने भी कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि सत्ता के दबाव और प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हौसले कमजोर नहीं होंगे।
दरअसल, करीब दो सप्ताह पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के गुरुग्राम दौरे के दौरान कांग्रेस के दोनों जिला अध्यक्षों के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को काले झंडे दिखाए थे। इस दौरान हुई सुरक्षा चूक को लेकर गुरुग्राम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 17 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था। इसी घटना के बाद इस बार मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पुलिस प्रशासन पहले से ही अतिरिक्त सतर्क नजर आया और कांग्रेस नेताओं की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई।