Summer express/चंबा, मंजूर पठान-:चुराह विधानसभा क्षेत्र की भराड़ा पंचायत में देर शाम हुई अचानक भारी ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। ओलावृष्टि से पंचायत के दो मुहाल में मटर की फसल को करीब 50 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचने का अनुमान है। किसानों के मुताबिक इस नुकसान से उन्हें लाखों रुपये की आर्थिक क्षति उठानी पड़ सकती है।भराड़ा पंचायत में हर वर्ष किसान मटर की फसल के माध्यम से करीब पांच से छह करोड़ रुपये का कारोबार करते हैं। ऐसे में फसल तैयार होने से पहले ही मौसम की मार पड़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि वे बड़ी मुश्किल से बीज और अन्य कृषि सामग्री का इंतजाम करते हैं और फसल बाजार में बिकने के बाद ही अपनी लागत निकाल पाते हैं। इस बार अचानक हुई ओलावृष्टि ने उनकी पूरी आर्थिक गणना बिगाड़ दी है।
ओलावृष्टि के बाद प्रभावित किसानों ने प्रशासन और प्रदेश सरकार से फसल नुकसान का आकलन करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि मटर की फसल को भारी नुकसान होने से उनकी आय प्रभावित होगी और आने वाले समय में बीज तथा कृषि संबंधी खर्च जुटाना भी मुश्किल हो सकता है।वहीं, चुराह के तहसीलदार आशीष ठाकुर ने बताया कि देर रात भराड़ा पंचायत के दो मुहाल में भारी ओलावृष्टि हुई, जिससे मटर की फसल को करीब 50 प्रतिशत नुकसान पहुंचने की सूचना है। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग के पटवारी को मौके पर जाकर किसानों की फसल को हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।तहसीलदार ने कहा कि नुकसान की रिपोर्ट तैयार होने के बाद प्रभावित किसान कृषि विभाग अथवा संबंधित इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से अपने क्लेम की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेंगे। प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।