summer express , चंडीगढ़। पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े आठ लाख रुपये के कथित रिश्वत मामले में 24 सितंबर को शिकायतकर्ता मंडी गोबिंदगढ़ के कारोबारी आकाश बत्ता चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में गवाही देंगे। मामले में आरोप तय होने के बाद शिकायतकर्ता की गवाही को सुनवाई की अहम कड़ी माना जा रहा है।
सीबीआई के अनुसार, आकाश बत्ता ने शिकायत दी थी कि एक आपराधिक मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे आठ लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत के आधार पर सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए तत्कालीन डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और कथित बिचौलिये कृष्णु शारदा को गिरफ्तार किया था।
अब अदालत में आकाश बत्ता के बयान दर्ज किए जाएंगे। उनकी गवाही के दौरान मामले में लगाए गए आरोपों और शिकायत में बताए गए घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच होगी। अभियोजन पक्ष के लिए शिकायतकर्ता के बयान मामले की आगे की सुनवाई में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
सीबीआई की कार्रवाई के बाद भुल्लर के सेक्टर-40 स्थित आवास पर भी छापेमारी की गई थी। जांच एजेंसी ने वहां से करीब साढ़े सात करोड़ रुपये नकद, करीब ढाई किलोग्राम सोना और महंगी घड़ियां बरामद करने का दावा किया था। इसके बाद सीबीआई ने भुल्लर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से संबंधित अलग मामला भी दर्ज किया था। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से भी उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले की जांच शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
मामले में भुल्लर और कृष्णु शारदा ने सीबीआई अदालत में आरोपमुक्त किए जाने के लिए याचिका दायर की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उनकी डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी थी। दोनों आरोपियों की ओर से सीबीआई की कार्रवाई और उसके अधिकार क्षेत्र को लेकर भी सवाल उठाए गए थे।
अब 24 सितंबर को होने वाली शिकायतकर्ता की गवाही पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी। अदालत में दर्ज होने वाले बयान के आधार पर मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया आगे चलेगी।