summer express , अमृतसर। पंजाब में इस बार मानसून सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा नहीं कर सका। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बीच प्रदेश में अब तक सामान्य से 39 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, एक जून से 19 सितंबर तक पंजाब में सामान्य तौर पर 417 मिलीमीटर बारिश होती है, जबकि इस साल अब तक 254.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इस तरह प्रदेश में सामान्य बारिश से 162.8 मिलीमीटर कम वर्षा हुई है।
सितंबर में बारिश की कमी सबसे ज्यादा रही। इस महीने प्रदेश में सामान्य के मुकाबले करीब 57 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। मानसून की वापसी के साथ अब बारिश की गतिविधियां और कमजोर होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले पांच दिनों में पंजाब के किसी भी जिले में बारिश के आसार नहीं हैं।
मौसम केंद्र चंडीगढ़ की 20 सितंबर को जारी रिपोर्ट के मुताबिक 21 से 24 सितंबर तक प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। 20 सितंबर को भी पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, बठिंडा, फिरोजपुर सहित सभी जिलों में मौसम सूखा रहा। अगले चार दिनों में भी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। ऐसे में प्रदेश में बारिश की कमी में तत्काल सुधार की उम्मीद कम है।
मौसम विभाग के अनुसार, बारिश नहीं होने की स्थिति में अगले कुछ दिनों के दौरान दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। रविवार को पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में शनिवार की तुलना में 0.4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि प्रदेश का औसत तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है।
पटियाला में रविवार को सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक रहा। चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक था।
इसके अलावा बठिंडा में 35.2 डिग्री, रूपनगर के भाखड़ा बांध क्षेत्र में 35.1 डिग्री और मोहाली में 34.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। लुधियाना में अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री, जालंधर में 33.0 डिग्री, अमृतसर में 32.6 डिग्री और गुरदासपुर में 32.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की वापसी के बाद प्रदेश में मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। बारिश की गतिविधियां कम होने के कारण तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। फिलहाल अगले पांच दिनों में किसी भी जिले में बारिश का पूर्वानुमान नहीं होने से किसानों और आम लोगों को गर्मी बढ़ने का सामना करना पड़ सकता है।