summer express ,मोनिका रावत , चंडीगढ़ । हरियाणा के लंबे समय से अस्थायी मान्यता पर चल रहे निजी स्कूलों को आखिरकार शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एक्सटेंशन मिल गया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। इसके साथ ही इन स्कूलों में पढ़ रहे लाखों विद्यार्थियों के बोर्ड परीक्षा से जुड़े संशय दूर हो गए हैं। दरअसल, सरकारी और स्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के एनरोलमेंट फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
दूसरी ओर, अस्थायी मान्यता वाले स्कूलों को एक्सटेंशन नहीं मिलने के कारण वे बोर्ड संबद्धता की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे थे। इसके चलते उनकी बोर्ड साइट बंद थी और विद्यार्थियों के फॉर्म भी नहीं भरे जा सके थे। अब एक्सटेंशन मिलने के बाद इन स्कूलों के लिए बोर्ड की संबद्धता भरने और विद्यार्थियों के एनरोलमेंट फॉर्म जमा कराने का रास्ता खुल जाएगा।
बोर्ड फॉर्म अटके थे, अब प्रक्रिया शुरू होगी
अस्थायी मान्यता वाले स्कूलों की सबसे बड़ी चिंता यही थी कि समय पर एक्सटेंशन नहीं मिलने के कारण वे बोर्ड संबद्धता के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे थे। इसका सीधा असर नौवीं से बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के एनरोलमेंट पर पड़ रहा था। निदेशालय के नए आदेश के बाद स्कूल अब संबद्धता की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इसके बाद विद्यार्थियों के जरूरी फॉर्म बोर्ड के स्तर पर भरे जा सकेंगे।
कई वर्षों से स्थायी मान्यता का इंतजार
प्रदेश के कई निजी स्कूल लंबे समय से अस्थायी मान्यता के आधार पर संचालित हो रहे हैं। निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि वे लगातार स्थायी मान्यता की मांग करते रहे हैं। प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू के मुताबिक संघ ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र भेजकर पहले अस्थायी मान्यता वाले स्कूलों के लिए एक्सटेंशन लेटर जारी करने और बाद में नियमों में आवश्यक छूट देकर स्थायी समाधान निकालने की मांग की थी। उनका कहना है कि सरकार की ओर से अब एक्सटेंशन दिए जाने से तत्काल तौर पर विद्यार्थियों से जुड़ी समस्या का समाधान हो गया है।
संघ ने सरकार का जताया आभार, स्थायी समाधान की मांग
प्राइवेट स्कूल संघ ने एक्सटेंशन के फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और शिक्षा विभाग के अधिकारियों का आभार जताया है। सत्यवान कुंडू ने कहा कि एक्सटेंशन मिलने से स्कूल बोर्ड की संबद्धता प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे और विद्यार्थियों के एनरोलमेंट फॉर्म भरे जा सकेंगे। उन्होंने सरकार से अब अस्थायी मान्यता वाले स्कूलों के लिए स्थायी समाधान निकालने की मांग दोहराई है, ताकि हर शैक्षणिक सत्र में मान्यता और बोर्ड संबद्धता को लेकर ऐसी स्थिति पैदा न हो।