Summer express/शिमला, संजू-:शिमला स्थित निर्वाचन विभाग कार्यालय के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर राजनीतिक दल और नागरिक का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन की आड़ में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, कर्मचारियों के काम में बाधा डालना या हिंसा की स्थिति पैदा करना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की, सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचाने और निर्वाचन विभाग कार्यालय में आग लगाने की कथित धमकी जैसे आरोप सामने आए हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे घटनाक्रम की वीडियो फुटेज और CCTV रिकॉर्डिंग के आधार पर जांच की जाए। यदि जांच में किसी व्यक्ति की ओर से संज्ञेय अपराध किए जाने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार FIR दर्ज की जानी चाहिए।भाजपा विधायक ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में प्रदर्शन के दौरान निर्वाचन विभाग की दीवारों पर ‘वोट चोर’ लिखने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले के दहन की भी जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं की भी निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए।
सुधीर शर्मा ने प्रशासन से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी, मौके पर कितनी पुलिस तैनात थी और क्या किसी प्रकार के प्रतिबंधात्मक आदेश लागू थे। उन्होंने कहा कि कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए और किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि किसी भी कार्रवाई का आधार राजनीतिक आरोप नहीं, बल्कि उपलब्ध वीडियो फुटेज, CCTV और अन्य साक्ष्य होने चाहिए।