summer express , हिसार। मानसून की विदाई के बाद हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मौसम का मिजाज बदल गया है। राजस्थान में बना प्रति-चक्रवाती परिसंचरण कमजोर होने और बंगाल की खाड़ी में बनी मौसम प्रणाली के प्रभाव से पश्चिमी शुष्क हवाओं की जगह दक्षिण-पूर्वी नमी वाली हवाएं चल रही हैं। इसके कारण प्रदेश में दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, बीच-बीच में बादल छाने से लोगों को उमस और गर्मी से भी राहत मिल रही है। वर्तमान में मानसून की वापसी की रेखा गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर और डीसा समेत कई क्षेत्रों से होकर गुजर रही है।
उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बना गहरा अवदाब अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। इसके साथ मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ के रूप में एक टर्फ सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से हरियाणा में मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है।
मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक, 25 सितंबर की रात एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 25 और 26 सितंबर को हरियाणा में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। इस दौरान प्रदेश के उत्तरी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार हैं।
वहीं, 28 सितंबर को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से 28 से 30 सितंबर के बीच हरियाणा के उत्तरी और पूर्वी जिलों में हल्की बूंदाबांदी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। जबकि प्रदेश के बाकी हिस्सों के साथ एनसीआर और दिल्ली में भी बादल छाए रहने तथा कुछ स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना है।
मौसम में बदलाव के साथ पूरे क्षेत्र में दिन और रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना जताई गई है। इससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने के साथ मौसम में ठंडक का असर बढ़ सकता है।