Summer express/शिमला-:हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में सितंबर के अंतिम सप्ताह में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। किन्नौर जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में रविवार को भी बर्फबारी का दौर जारी रहा, जबकि निचले क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में आए इस बदलाव के बाद जनजातीय क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है और लोगों को समय से पहले सर्दी का अहसास होने लगा है।किन्नौर के छितकुल, नाको और मलिंग समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को हिमपात हुआ। शनिवार से शुरू हुआ बारिश और बर्फबारी का सिलसिला रविवार को भी जारी रहने से ऊंची चोटियां बर्फ की चादर से ढकने लगी हैं। वहीं, निचले इलाकों में बारिश के कारण मौसम ठंडा हो गया है।
उधर, स्पीति घाटी में भी सीजन का पहला हिमपात हुआ है। काजा और चिचम में रविवार को बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। अचानक बदले मौसम से स्थानीय लोगों के साथ-साथ यहां आने वाले पर्यटकों को भी ठंड का सामना करना पड़ रहा है।लगातार बारिश और बर्फबारी के बीच किन्नौर में सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है। नाको से आगे मलिंग नाले के पास पहाड़ से लगातार पत्थर गिरने के कारण रिकांगपिओ-काजा मार्ग पर यातायात रोक दिया गया है। इससे इस मार्ग पर आवाजाही करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।सितंबर के अंत में हुई बारिश और बर्फबारी ने जनजातीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान में और गिरावट आने से आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने की संभावना बनी हुई है।