summer express , मोनिका रावत ,चंडीगढ़।पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा की माडल ऑनलाइन स्थानांतरण नीति-2026 और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की स्थानांतरण नीति-2026 में आश्रित माता-पिता को लेकर उठाई गई आपत्ति पर राज्य सरकार को आठ सप्ताह में फैसला लेने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि गंभीर या लंबे समय से चली आ रही बीमारी से पीड़ित आश्रित पिता या माता को स्थानांतरण नीति के तहत संरक्षित श्रेणी में शामिल किया जाए।
मामला हरियाणा निवासी विकास कुमार की ओर से दायर की गई याचिका से जुड़ा है। याचिका में माडल आनलाइन स्थानांतरण नीति-2026 और संबंधित हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की स्थानांतरण नीति-2026 को इस सीमित आधार पर चुनौती दी गई थी कि इसमें गंभीर अथवा कमजोर करने वाली बीमारी से पीड़ित आश्रित माता-पिता को संरक्षित श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है।
याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट को बताया कि उसने चार सितंबर 2026 को संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रतिनिधित्व भी दिया था, लेकिन उस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल याचिकाकर्ता की मांग इतनी है कि अधिकारियों को उसके लंबित प्रतिनिधित्व पर समयबद्ध तरीके से फैसला लेने का निर्देश दिया जाए।
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से कहा कि यदि चार सितंबर का प्रतिनिधित्व संबंधित अधिकारियों के कार्यालय में प्राप्त हो चुका है और अभी विचाराधीन है तो सक्षम प्राधिकारी उस पर आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने की तारीख से आठ सप्ताह के भीतर फैसला करेगा।
सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि सक्षम प्राधिकारी याचिकाकर्ता की मांग को उचित पाते हुए स्वीकार कर सकता है। वहीं, यदि मांग स्वीकार करने योग्य नहीं पाई जाती है तो उसके कारण भी स्पष्ट रूप से आदेश में दर्ज किए जाएंगे और पारित आदेश की जानकारी याचिकाकर्ता को दी जाएगी।
सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि फिलहाल याचिका पर आगे सुनवाई की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।