गुरमीत सिंह | डेराबस्सी
समर न्यूज
डेराबस्सी तहसील में जाली एनओसी के जरिए रजिस्ट्रियां करवाने का मामला सामने आने के करीब तीन साल बाद भी जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं। 6 सितंबर 2023 को गांव बाकापुर की जाली एनओसी के जरिए रजिस्ट्री करवाने का पहला मामला सामने आया था।
इसके बाद 3 अक्टूबर 2023 को नगर परिषद अधिकारी की शिकायत पर डेराबस्सी पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। बाद में आठ लोगों को नामजद किया गया। जाली एनओसी का मामला सामने आने के बाद रिहायशी प्लॉटिंग का काम काफी हद तक ठंडा पड़ने की बात सामने आई, लेकिन इसी दौरान बिल्डरों द्वारा इंडस्ट्रियल प्लॉटिंग की ओर रुख करने के आरोप लग रहे हैं। गांव समगौली, बरवाला रोड, गुलाबगढ़-बेहड़ा रोड, सुंडरां, थापर कॉलेज के आसपास तथा इसके सामने डेराबस्सी-जिओली सड़क सहित भगवानपुर के आसपास के इलाकों में कृषि भूमि और बंद पड़ी फैक्ट्रियों की जमीन को छोटे-छोटे प्लॉटों में बांटकर बेचने की बात कही जा रही है। इन मामलों की निगरानी और मंजूरी से जुड़े विभाग गमाडा की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्लॉटिंग रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण नियमों की कथित उल्लंघना का रास्ता खुला हुआ है। साथ ही राजस्व विभाग की ओर से तैयार की गई मौका रिपोर्टों की भी जांच की मांग की जा रही है।
जाली एनओसी मामले के दौरान करीब नौ महीनों में लगभग 5,500 रजिस्ट्रियां होने की बात सामने आई थी, जबकि जांच के लिए नगर परिषद के पास करीब 2,000 एनओसी का रिकॉर्ड पहुंचने की बात कही गई थी। लोगों का कहना है कि यदि पूरे रिकॉर्ड की गहनता से जांच की जाए तो कई और मामले सामने आ सकते हैं।