summer express, दुबई। तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट के कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित हमले के मामले में आरोपी ओमानी को-पायलट की पहचान हमाम अल-हम्ममी के रूप में सामने आई है। घटना के बाद उसके पेशेवर करियर, पृष्ठभूमि और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर कई नई जानकारियां सामने आई हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अल-हम्ममी का जन्म संयुक्त अरब अमीरात में हुआ था। उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई मूल की बताई जा रही हैं। उसने अपने जीवन का काफी समय UAE में बिताया। घटना से पहले उसने करीब आठ महीने तक फ्लाईदुबई के साथ काम किया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, अल-हम्ममी ने इससे पहले ओमान एयर के साथ पायलट ट्रेनिंग ली थी। CBS न्यूज के सूत्रों का दावा है कि ओमान सरकार की निगरानी के दौरान उसके द्वारा कथित तौर पर कट्टरपंथी वेबसाइटें देखे जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद उसे सक्रिय उड़ान ड्यूटी से हटाकर डेस्क जॉब पर भेज दिया गया था। बाद में उसने ओमान एयर की नौकरी छोड़ दी और करीब 2024 में कंपनी से अलग हो गया।
अल अरबिया इंग्लिश ने भी सूत्रों के हवाले से दावा किया कि अल-हम्ममी को पहले ओमान में उड़ान भरने से रोक दिया गया था। यह कार्रवाई उसके कथित चरमपंथी विचारों को लेकर की गई थी। हालांकि, इन दावों पर ओमान सरकार की ओर से सार्वजनिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
सूत्रों के मुताबिक, अल-हम्ममी के एक सोशल मीडिया अकाउंट पर ‘एल अल’ इजरायली एयरलाइन के विमान का वीडियो भी साझा किया गया था। वीडियो के अंत में अल-कायदा के पूर्व प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी की तस्वीर दिखाई गई थी। CNN के अनुसार, यह पोस्ट घटना के करीब नौ घंटे बाद सामने आई थी। एक अन्य पोस्ट में कथित तौर पर AI से तैयार तस्वीर थी, जिसमें मक्का, मदीना और यरूशलम को एक रोशन रास्ते से जुड़ा हुआ दिखाया गया था।
बताया कि यह स्पष्ट नहीं है कि घटना के बाद सोशल मीडिया पर सामने आई पोस्ट आरोपी ने खुद प्रकाशित की थीं या पहले से शेड्यूल की गई थीं। उसके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, ओमान एयर में उसका करीब सात साल का कार्यकाल फरवरी 2025 में समाप्त हुआ था। इसके बाद जून 2025 से जनवरी 2026 तक उसने रॉयल एयर मारोक के साथ काम किया था। प्रोफाइल में फ्लाईदुबई के साथ काम करने का उल्लेख नहीं था, हालांकि एक सूत्र ने इस प्रोफाइल को उसी पायलट का बताया है।
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर यह घटना हुई थी। अधिकारियों की जांच का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि क्या कैप्टन मच्छार पर कथित हमला विमान को नुकसान पहुंचाने या उसे दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश से जुड़ा था।
रिपोर्टों के अनुसार, कॉकपिट में हुई हाथापाई के दौरान विमान कुछ ही समय में करीब 16,000 फीट नीचे आ गया और हाइजैकिंग से जुड़ा आपातकालीन अलर्ट जारी किया गया। घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने आरोपी का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद क्रू मेंबर्स और यात्रियों ने आरोपी को काबू करने में मदद की।
विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपात स्थिति में उतारा गया। इस दौरान दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी विमान को संभालने में मदद की। विमान में सवार सभी 180 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।