समर न्यूज | चंडीगढ़
पंजाब में आम आदमी पार्टी के मौड़ से विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना को सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा सार्वजनिक रूप से उठाने के कुछ ही घंटों बाद पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया। पार्टी की पंजाब इकाई के महासचिव हरचंद सिंह बरसट ने जारी आदेश में मैसरखाना पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता में शामिल होने का आरोप लगाया। आदेश में उनके खिलाफ किसी विशेष घटना का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है। इससे पहले मैसरखाना ने करीब 14 मिनट के फेसबुक लाइव में अपनी ही सरकार के शिक्षा मॉडल पर सवाल उठाए थे। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि वह कई बार पार्टी नेतृत्व, मुख्यमंत्री भगवंत मान और पूर्व दिल्ली उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के समक्ष अपने विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठा चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने विशेष रूप से उस स्कूल का उल्लेख किया, जहां उनके बच्चे पढ़ते हैं। मैसरखाना ने कहा कि उन्होंने सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने का फैसला शिक्षा व्यवस्था में विश्वास के कारण किया था। उनका कहना था कि यदि स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक ही उपलब्ध नहीं होंगे तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनका मुद्दा राजनीतिक पद या आगामी चुनाव में टिकट से जुड़ा नहीं है और वह जनहित से जुड़े विषय को उठाते रहेंगे। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से नाराजगी जताते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर उनका टिकट काट दिया जाए, लेकिन वह शिक्षकों की नियुक्ति का मुद्दा उठाते रहेंगे।
}विधानसभा में 31,370 पद रिक्त…
मैसरखाना की शिकायत ऐसे समय सामने आई है जब पंजाब सरकार ने हाल में विधानसभा में विभिन्न श्रेणियों में शिक्षकों के 31,370 पद रिक्त होने की जानकारी दी थी। इससे शिक्षकों की उपलब्धता और सरकारी स्कूलों में रिक्त पदों का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, विधायक द्वारा उठाई गई स्थानीय स्तर की समस्याओं और राज्यभर के कुल रिक्त पदों के आंकड़े को एक ही विषय मानना उचित नहीं होगा।
}मैसरखाना के आरोप राजनीतिक से प्रेरित: बैंस
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मैसरखाना के आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। वहीं, पार्टी की कार्रवाई से स्पष्ट है कि नेतृत्व ने सार्वजनिक रूप से सरकार और पार्टी पर सवाल उठाने को अनुशासन का विषय माना है। मैसरखाना की ओर से लगाए गए स्थानीय आरोपों की स्थिति और संबंधित स्कूलों में वास्तविक रिक्तियों का आकलन प्रशासनिक स्तर पर अलग विषय है।
}चुनाव से पहले घटनाक्रम…
मैसरखाना 2022 में मौड़ विधानसभा सीट से आप के टिकट पर पहली बार विधायक चुने गए थे और उन्होंने 35,008 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। उनका निलंबन ऐसे समय हुआ है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। घटनाक्रम ने पार्टी अनुशासन और विधायकों द्वारा स्थानीय समस्याएं सार्वजनिक रूप से उठाने के बीच संतुलन को लेकर बहस को जन्म दिया है।
}पार्टी की कार्रवाई…
आप के निलंबन आदेश में केवल पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता का उल्लेख किया गया है। यह स्पष्ट नहीं किया गया कि मैसरखाना के खिलाफ आगे कोई अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी या नहीं। दूसरी ओर, विधायक ने अपने वीडियो में कहा था कि वह अपने क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा से जुड़े मुद्दे उठाते रहेंगे। इस घटनाक्रम के बाद सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और पार्टी के भीतर असहमति दोनों मुद्दे राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।