Summer express/शिमला/संजू -:हिमाचल प्रदेश में युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सरकार खेलों को प्रभावी माध्यम बनाने पर जोर दे रही है। सरकार का मानना है कि खेल युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ते हैं। इसी सोच के तहत प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार राशि बढ़ाने और सरकारी नौकरियों में स्पोर्ट्स कोटे का लाभ देने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आयोजित राज्य स्तरीय जूडो प्रतियोगिता का समापन हुआ।
राज्य स्तरीय जूडो प्रतियोगिता के दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने प्रदेश की खेल नीति और नशामुक्ति अभियान को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर बात की। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलों से जोड़कर उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखा जा सकता है।नरेश चौहान ने बताया कि ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में पदक जीतने वाले हिमाचली खिलाड़ियों के लिए सरकार ने पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी की है। सरकार का दावा है कि कई श्रेणियों में हिमाचल की प्राइज मनी पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों से भी अधिक है।हाल के समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए करोड़ों रुपये की पुरस्कार राशि की घोषणाएं भी की गई हैं। एशियन गेम्स में पदक जीतने वाली भारतीय कबड्डी टीम की हिमाचल की चार खिलाड़ियों को 30-30 लाख रुपये देने की घोषणा का भी उल्लेख किया गया।
सरकार के मुताबिक राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में स्पोर्ट्स कोटे का लाभ देने की व्यवस्था भी जारी है। वहीं नशामुक्ति अभियान में खेलों को युवाओं के लिए सकारात्मक विकल्प के तौर पर बढ़ावा दिया जा रहा है।जूडो प्रतियोगिता में प्रदेशभर से पहुंचे खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और आयोजकों की सराहना करते हुए कहा गया कि खेल बच्चों को शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनाते हैं। इस दौरान एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली हिमाचल की कबड्डी खिलाड़ी पुष्पा राणा की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का प्रयास करने की बात भी कही गई, ताकि उनकी समस्याओं और मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जा सके।सरकार का कहना है कि खेलों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और उन्हें नशे से दूर रखने के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। खिलाड़ियों की मांगों और समस्याओं पर मुख्यमंत्री स्तर पर उचित निर्णय लेने का भरोसा भी दिया गया है।