एजेंसी | नागोया
जापान के नागोया स्थित मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में रविवार को एक भव्य और रंगारंग क्लोजिंग सेरेमनी के साथ एशियन गेम्स 2026 का समापन हो गया। समारोह की शुरुआत मेजबान जापान के राष्ट्रगान से हुई, जिसके बाद विभिन्न देशों के खिलाड़ियों की भव्य परेड निकाली गई। समापन समारोह में भारत की ओर से शूटिंग में दो स्वर्ण सहित कुल तीन पदक जीतने वालीं स्टार निशानेबाज नीरू ढांडा ने ध्वजवाहक की भूमिका निभाई और शान से तिरंगा लहराया। इस अवसर पर ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) का आधिकारिक ध्वज कतर को सौंपा गया, जो आगामी 21वें एशियन गेम्स की मेजबानी करेगा।
पदक तालिका की बात करें तो चीन ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखते हुए कुल 341 पदकों (169 स्वर्ण, 89 रजत और 83 कांस्य) के साथ पहला स्थान हासिल किया। मेजबान जापान 269 पदकों (83 स्वर्ण, 95 रजत और 91 कांस्य) के साथ दूसरे और दक्षिण कोरिया 150 पदकों (39 स्वर्ण, 43 रजत और 68 कांस्य) के साथ तीसरे पायदान पर रहा। वहीं, उज्बेकिस्तान ने 70 पदकों के साथ पांचवां स्थान प्राप्त किया।
इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा। भारतीय दल ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य समेत कुल 85 पदक जीतकर अंक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया। भारत के लिए तीरंदाजी (आर्चरी) में सर्वाधिक पांच स्वर्ण पदक आए, जबकि बॉक्सिंग में तीन और कुश्ती में दो स्वर्ण पदक मिले। टीम स्पर्धाओं में भारतीय पुरुष और महिला दोनों वर्गों की टीमों ने हॉकी, कबड्डी और क्रिकेट में शानदार खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
व्यक्तिगत स्पर्धाओं में गोल्फ खिलाड़ी प्रणवी उर्स ने इतिहास रचते हुए भारत के लिए महिला वर्ग का पहला व्यक्तिगत एशियन गेम्स गोल्ड मेडल जीता। इसके अलावा शूटिंग, एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग, बैडमिंटन, स्क्वैश, रोइंग और टेबल टेनिस जैसे खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने कठिन चुनौतियों का सामना करते हुए देश की झोली में महत्वपूर्ण पदक डाले।