summer express ,लुधियाना | पंजाब में चलती ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामले में दिल्ली से अमृतसर आ रही ट्रेन नंबर 14679 दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस को लुधियाना के आउटर के पास अज्ञात लोगों ने निशाना बनाया। पथराव में ट्रेन के एक कोच की खिड़की के तीन शीशे टूट गए। घटना के समय सीटों पर यात्री मौजूद थे, लेकिन गनीमत रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकना यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है और इसे रेल परिचालन में आपराधिक हस्तक्षेप माना गया है।
रेलवे सुरक्षा बल के अनुसार, मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष (DSCR) फिरोजपुर से सूचना मिली थी कि चलती ट्रेन पर पथराव के कारण एक कोच की खिड़की का शीशा टूट गया है। सूचना मिलने के बाद RPF के उप-निरीक्षक विजयपाल सिंह और सहायक उप-निरीक्षक चमन लाल ने संबंधित रेलवे ट्रैक और आसपास के इलाकों में गश्त कर संदिग्धों की तलाश की, लेकिन मौके पर कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। शिकायतकर्ता की ओर से संपर्क नंबर उपलब्ध नहीं कराया गया था, जिसके कारण शुरुआती जांच में घटना की सटीक लोकेशन की पुष्टि नहीं हो सकी।
इसके बाद 7 अक्टूबर को मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष ने रेलवे हेल्पलाइन 139 से प्राप्त जानकारी RPF के साथ साझा की। RPF पोस्ट अमृतसर के सहायक उप-निरीक्षक रणवीर सिंह ने कैरिज एंड वैगन (C&W) विंग तथा जूनियर इंजीनियर रोहित कुमार के साथ अमृतसर पहुंची ट्रेन की जांच की। रात करीब 10:25 बजे दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस के अमृतसर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर पहुंचने के बाद पूरे रैक का निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान कोच नंबर NR 246321 (LWSCZ) में सीट नंबर 43, 44 और 45 के पास खिड़की के दोनों ओर लगे तीन शीशे टूटे हुए मिले। रेलवे के तकनीकी विभाग और सुरक्षा अधिकारियों ने मौके पर संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की।
प्राथमिक जांच और यात्रियों से मिली जानकारी के आधार पर सामने आया कि लुधियाना स्टेशन की सीमा में प्रवेश से पहले ट्रेन के बाईं ओर से पत्थर फेंका गया था। पत्थर खिड़की पर लगा, जिससे शीशे टूटकर कोच के अंदर बिखर गए। उस समय खिड़की के पास यात्री बैठे हुए थे।
RPF ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 153 और 147 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच उप-निरीक्षक विजयपाल सिंह को सौंपी गई है। RPF और अन्य संबंधित एजेंसियां लुधियाना से पहले रेलवे ट्रैक, आउटर सिग्नल, पुलियों और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।