समर न्यूज | पटियाला
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह से जुड़े इस संगठन ने पंथक राजनीति में अपनी जगह मजबूत करने के उद्देश्य से पटियाला जिले के भादसों में जनसभा की।
संगठन के नेताओं ने सिख समुदाय से जुड़े मुद्दों के साथ पंजाब में नशे, गैंगस्टरों की वसूली और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता जताई। इस पहल को शिरोमणि अकाली दल (बादल) के पारंपरिक पंथक जनाधार में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। सभा का आयोजन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के सदस्य सतविंदर सिंह टोहरा ने किया। इसमें संगठन के नेताओं और समर्थकों ने भाग लिया। नेताओं ने कहा कि पंजाब और सिख समुदाय के हितों की रक्षा के लिए राजनीतिक विकल्पों पर विचार करने की जरूरत है। लुधियाना जिले के दाखा से विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने आरोप लगाया कि एसजीपीसी पर पंथक हितों के विपरीत काम करने वाली ताकतों का प्रभाव बढ़ा है। उन्होंने इसे सिख समुदाय की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए संस्थान के कामकाज में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। ये आरोप संगठन के नेताओं के हैं; एसजीपीसी के कामकाज को लेकर उनके दावों पर स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। अमृतपाल सिंह के पिता और संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष तरसेम सिंह ने कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ों, नशे से युवाओं की मौत और गैंगस्टरों की ओर से वसूली की घटनाओं का मुद्दा उठाया।