Summer express, सुन्दर कुंडू, पलवल। चंडीगढ़ में गन पॉइंट पर स्विफ्ट कार लूटने के मामले में पलवल सीआईए पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पंजाब के बरनाला निवासी चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जबकि अन्य दो को मौके से काबू कर लिया गया। घायल आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देसी कट्टा, एक पिस्टल और बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट कार बरामद की है।
डीएसपी मुख्यालय नरेंद्र खटाना ने बताया कि चंडीगढ़ पुलिस से पलवल पुलिस को सूचना मिली थी कि 8 अक्टूबर को चार बदमाशों ने गन पॉइंट पर स्विफ्ट कार लूटने की वारदात को अंजाम दिया था। इस सूचना के आधार पर सीआईए प्रभारी जगमिंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम आरोपियों की तलाश में जुट गई। तलाश के दौरान पुलिस टीम पृथला गांव के पास करियाकी की बनी क्षेत्र में पहुंची तो एक बिना नंबर प्लेट वाली स्विफ्ट कार दिखाई दी। पुलिस को देखकर कार सवार भागने लगे। टीम ने पीछा कर कार को रुकवा लिया, जिसके बाद उसमें सवार चारों युवक उतरकर पास की बनी में भागने लगे।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों का पीछा करने के दौरान उनमें से दो युवकों ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। इसके जवाब में पुलिस ने चेतावनी देते हुए हवाई फायर किया। इसी दौरान हुई मुठभेड़ में दो आरोपियों के पैरों में गोली लगी। घायल आरोपियों की पहचान लक्की और रोशन आचार्य के रूप में हुई है। रोशन आचार्य मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है और फिलहाल पंजाब के बरनाला में रह रहा है। पुलिस ने बाकी दो आरोपियों को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लक्की, रोशन आचार्य, सन्नी और खुशप्रीत के रूप में हुई है। ये सभी पंजाब के बरनाला के निवासी बताए गए हैं। डीएसपी नरेंद्र खटाना के मुताबिक, चारों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड है। लक्की के खिलाफ पंजाब में एनडीपीएस और मारपीट से संबंधित नौ मामले दर्ज हैं। रोशन आचार्य के खिलाफ इसी तरह के आठ मामले दर्ज बताए गए हैं। वहीं, सन्नी के खिलाफ तीन और खुशप्रीत के खिलाफ पांच गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देसी कट्टा, एक पिस्टल और बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट कार बरामद की है। पुलिस अब आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि चंडीगढ़ में हुई कार लूट सहित अन्य आपराधिक वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा सके।