Summer express, चम्बा, मंजूर पठान। महिलाओं को आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल चम्बा ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विज्ञान विभाग में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली हाई-एंड हिस्टेरोस्कोपी मशीन स्थापित की गई है। इस अत्याधुनिक मशीन से गर्भाशय संबंधी विभिन्न बीमारियों की पहचान और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार उपचार में मदद मिलेगी। इससे चम्बा जिले सहित आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं डीन डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि हिस्टेरोस्कोपी एक आधुनिक चिकित्सा तकनीक है, जिसके माध्यम से गर्भाशय के अंदरूनी हिस्से की सीधे जांच की जा सकती है। इस तकनीक से चिकित्सकों को गर्भाशय में मौजूद असामान्यताओं और विभिन्न स्त्री रोग संबंधी समस्याओं की पहचान करने में सहायता मिलती है। यह मशीन गर्भाशय में पॉलिप, कुछ प्रकार के फाइब्रॉइड और असामान्य रक्तस्राव के संभावित कारणों का पता लगाने में उपयोगी साबित हो सकती है। चिकित्सकीय जरूरत के अनुसार इस प्रक्रिया के माध्यम से गर्भाशय के भीतर मौजूद कुछ समस्याओं का उपचार भी किया जा सकता है।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि किसी भी बीमारी के बेहतर उपचार के लिए उसकी सही पहचान जरूरी है। हिस्टेरोस्कोपी जैसी आधुनिक तकनीक से गर्भाशय की अंदरूनी स्थिति का स्पष्ट आकलन करने में मदद मिलती है। इससे चिकित्सक मरीज की समस्या को बेहतर ढंग से समझकर आवश्यक जांच और उपचार की योजना तैयार कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि चम्बा जैसे पहाड़ी जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार विशेष महत्व रखता है। जिले के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को बेहतर चिकित्सा सेवाओं के लिए कई बार लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। मेडिकल कॉलेज में इस मशीन की स्थापना से गर्भाशय संबंधी विशेष जांच और उपचार की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। इससे महिलाओं और उनके परिजनों के यात्रा समय तथा अतिरिक्त खर्च को कम करने में भी सहायता मिल सकती है।
प्राचार्य ने बताया कि लंबे समय से असामान्य रक्तस्राव या गर्भाशय संबंधी अन्य समस्याओं का सामना कर रही महिलाओं के लिए यह सुविधा उपयोगी हो सकती है। हालांकि, प्रत्येक मरीज के लिए हिस्टेरोस्कोपी की आवश्यकता विशेषज्ञ चिकित्सक की जांच और सलाह के आधार पर ही तय की जाएगी।
डॉ. पंकज गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, सदर विधायक और महाविद्यालय प्रबंधन की पहल से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकारी चिकित्सा संस्थानों में आधुनिक उपकरणों और बेहतर जांच सुविधाओं की उपलब्धता से मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान करने में मदद मिलती है। मेडिकल कॉलेज का उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का लाभ स्थानीय आबादी तक पहुंचाना है।
मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विज्ञान विभाग में इस मशीन की स्थापना से महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी जांच और उपचार सुविधाओं को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। गर्भाशय संबंधी बीमारियों की समय पर पहचान और उचित उपचार महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। नई मशीन से विशेषज्ञ चिकित्सकों को मरीजों की स्थिति का बेहतर आकलन करने और जरूरत के अनुसार उपचार करने में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर प्रसूति एवं स्त्री रोग विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. सोनम गियाल्छेन नेगी, डॉ. सपना, डॉ. अलिजा पॉल, डॉ. अंकिता और डॉ. तेजीन सहित एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. सलोनी सूद, डॉ. सुनील और डॉ. नीतीक्षा तथा अन्य चिकित्सक एवं संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।