Summer express, करनाल, राकेश कुमार शर्मा। एशियन गेम्स में भारतीय हॉकी टीम को 44 साल बाद स्वर्ण पदक दिलाने वाली टीम की सदस्य और करनाल की बहू नेहा का करनाल पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। भाजपा जिला कार्यालय कर्ण कमल में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इस दौरान उन्हें मिठाई खिलाकर ऐतिहासिक उपलब्धि की बधाई दी गई। नेहा की सफलता पर लोगों ने गर्व जताते हुए इसे देश और हरियाणा के लिए गौरव का क्षण बताया।
स्वागत समारोह के दौरान नेहा ने मीडिया से बातचीत में अपने 22 साल के खेल सफर के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि खेल के क्षेत्र में सफलता हासिल करने का उनका सफर संघर्षों से भरा रहा है। वह अब तक तीन एशियाई खेलों में हिस्सा ले चुकी हैं। हर बार उनका लक्ष्य देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करना रहा, लेकिन इस बार पूरी टीम का उद्देश्य स्वर्ण पदक जीतना था। नेहा ने कहा कि तिरंगे के लिए गोल्ड मेडल जीतने का सपना पूरा होना उनके जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक है।
नेहा ने अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय परिवार के सहयोग और समर्थन को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार ने हर मुश्किल परिस्थिति में उनका साथ दिया और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। वर्षों की मेहनत, संघर्ष और त्याग के बाद मिली इस सफलता को वह अपने परिवार को समर्पित करती हैं। उनके अनुसार, यह पदक केवल खेल में मिली जीत नहीं, बल्कि परिवार के विश्वास और निरंतर सहयोग का भी परिणाम है।
भारतीय हॉकी खिलाड़ी ने कहा कि पूरी टीम एकजुट होकर मैदान में उतरी थी और सभी खिलाड़ियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। चीन की टीम को मजबूत बताते हुए उन्होंने कहा कि उसे हराना मुश्किल जरूर था, लेकिन नामुमकिन नहीं। भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव के बावजूद अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखा और जीत हासिल की। नेहा ने कहा कि बड़े मुकाबलों में तनाव होना स्वाभाविक है, लेकिन मैदान पर उतरने के बाद खिलाड़ी का ध्यान पूरी तरह अपने प्रदर्शन पर होना चाहिए।
नेहा ने बताया कि अब उनका अगला लक्ष्य ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना और वहां भी देश का परचम लहराना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय टीम भविष्य में भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए पदक जीतेगी।
हरियाणा में खेलों को मिल रहे प्रोत्साहन पर नेहा ने कहा कि प्रदेश की खेल नीतियों और बेहतर माहौल का सकारात्मक असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन में दिखाई दे रहा है। हरियाणा के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
उन्होंने जमीनी स्तर पर खेल सुविधाओं को और बेहतर बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। नेहा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के बाद खिलाड़ियों को सहयोग मिलने लगता है, लेकिन शुरुआत में अभ्यास करने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी पर्याप्त सुविधाएं, संसाधन और सही मार्गदर्शन मिलना चाहिए। यदि ग्रास रूट स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिले, तो वे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।