{शास्त्री बोले थे- माफी तो आपको मांगनी चाहिए
अशवनी पाहवा | लुधियाना
समर न्यूज
बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। लुधियाना में कथा के दौरान की गई टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बार फिर सुर्खियों में है।
शुक्रवार को नमाज के बाद शाही इमाम ने धीरेंद्र शास्त्री पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने मुस्लिम समुदाय की बहनों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी। इमाम ने कहा कि शास्त्री लुधियाना में रहते हुए स्पष्टीकरण दे रहे थे, लेकिन अब अपने घर पहुंचकर बयानबाजी कर रहे हैं। शाही इमाम ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री जब चाहें पंजाब आ सकते हैं। वह उन्हें पंजाब का इतिहास बताना चाहेंगे। उन्होंने श्री दरबार साहिब की नींव साईं मियां मीर जी की ओर से रखे जाने और श्री गुरु ग्रंथ साहिब में बाबा फरीद जी की वाणी का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब की परंपरा भाईचारे की रही है।
‘हमारी बहनों की तौहीन करने की कोशिश की’
शाही इमाम ने कहा कि लुधियाना में आयोजित पांच दिवसीय कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने मुस्लिम समुदाय की लड़कियों को लेकर टिप्पणी की थी। उनके मुताबिक, शास्त्री ने कहा था कि इनकी लड़कियां अपने भैया को सैंया बना लेती हैं। इमाम ने आरोप लगाया कि अब शास्त्री इस टिप्पणी को धर्मांतरण के मुद्दे से जोड़कर अपनी बात बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की बेइज्जती करना नहीं था। उन्होंने उस समय भी शास्त्री से अपने शब्द वापस लेने की मांग की थी। इमाम के अनुसार, प्रशासन को बताया गया था कि शास्त्री शाम तक अपना स्पष्टीकरण देंगे।
‘आना चाहें तो आएं, पंजाब का इतिहास बताऊंगा’
शाही इमाम ने धीरेंद्र शास्त्री के पंजाब आने की चुनौती पर कहा कि उनका स्वागत है। उन्होंने कहा कि शास्त्री वर्ष 2026 तक व्यस्त हैं, जबकि उनकी अपनी अपॉइंटमेंट वर्ष 2027 तक बुक हैं। जरूरत पड़ने पर वह अपना कार्यक्रम बदल सकते हैं। इमाम ने आयोजकों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लुधियाना में विभिन्न समुदायों के खिलाफ बयानबाजी से माहौल खराब करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि पंजाब में नफरत की राजनीति कामयाब नहीं होगी और पंजाबी पहले भी एक थे, आज भी एक हैं और आगे भी एक रहेंगे।
लुधियाना की कथा से शुरू हुआ विवाद
यह विवाद लुधियाना में धीरेंद्र शास्त्री की पांच दिवसीय कथा के दौरान दिए गए बयानों के बाद शुरू हुआ था। उस समय शाही इमाम ने इस मुद्दे पर आपात बैठक भी बुलाई थी। अब दोनों पक्षों के बयानों के बाद विवाद फिर चर्चा में आ गया है। फिलहाल, दोनों के बयानों को लेकर धार्मिक टिप्पणी, धर्मांतरण और पंजाब के आपसी भाईचारे से जुड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था- माफी तो आपको मांगनी चाहिए
इससे पहले बागेश्वरधाम में कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि लुधियाना के इमाम उनसे माफी मांगने की बात करते हैं, जबकि माफी तो उन्हें खुद मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि इमाम को कहना चाहिए कि बाबा बागेश्वर ने सच कहा है और इसके लिए उनका धन्यवाद करना चाहिए। शास्त्री ने अपने बयान में कहा था कि वह धर्मांतरण, पाखंड और नशे के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग भोले-भाले हिंदुओं को बहलाकर उनका धर्म परिवर्तन करवाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह हिंदुओं को हनुमान जी से जोड़ना चाहते हैं और हिंदुत्व के लिए अपना अभियान जारी रखेंगे।