Summer express, पानीपत । मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी देर रात करीब 12 बजे पानीपत की गांधी मंडी स्थित एसएस जैन सभा के जैन स्थानक पहुंचे। यहां उन्होंने जैन मुनि डॉ. राजेश महाराज से मुलाकात की और अपने हाथों से उनका अभिग्रह (विशेष संकल्प के तहत रखा गया व्रत) पूरा करवाया। मुनि ने संकल्प लिया था कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं उनसे मिलने नहीं आएंगे, तब तक वे अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे और पारणा नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री के पहुंचने के साथ ही उनका संकल्प पूरा हुआ।
जानकारी के अनुसार, डॉ. राजेश महाराज ने 8 अक्टूबर को अभिग्रह लिया था। इसके अगले दिन यानी 9 अक्टूबर को उनके पारणे का कार्यक्रम निर्धारित था। मुख्यमंत्री को अभिग्रह महोत्सव में शामिल होना था, लेकिन अंतिम समय में उनका दौरा रद्द हो गया। इसके बाद मुनि ने अपना उपवास जारी रखने और मुख्यमंत्री के आने तक व्रत नहीं खोलने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द होने के बाद जैन समाज की ओर से उन्हें दोबारा पत्र भेजा गया था। इसमें उनसे गांधी मंडी स्थित जैन स्थानक पहुंचकर मुनि का संकल्प पूरा करवाने का आग्रह किया गया था। देर रात मुख्यमंत्री के पहुंचने पर मुनि ने उनके हाथों आहार ग्रहण कर अपना अभिग्रह पूरा किया।
जैन धर्म में किसी विशेष उद्देश्य की पूर्ति के लिए कठिन नियमों और संयम का पालन करते हुए संकल्प लेने की परंपरा को अभिग्रह कहा जाता है। इसमें साधक अपनी प्रतिज्ञा पूरी होने तक निर्धारित नियमों का पालन करता है। डॉ. राजेश महाराज के इस संकल्प और मुख्यमंत्री की देर रात हुई मुलाकात को लेकर जैन समाज में चर्चा रही।
52 वर्षीय डॉ. राजेश महाराज ने 27 वर्ष की उम्र में दीक्षा ग्रहण की थी। उनके अनुसार, वह पिछले करीब 20 वर्षों में 2,500 अभिग्रह पूरे कर चुके हैं। वह पांच विश्व रिकॉर्ड बनाने का दावा भी करते हैं। उनके मुताबिक, अब तक वह 3,500 से अधिक पेंटिंग और ड्राइंग बना चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने पानीपत में 20,870 लोगों से नशामुक्ति के संकल्प पत्र भरवाने की जानकारी भी दी है।