दुष्कर्म के आरोप की पुष्टि नहीं, सोशल मीडिया की जवाबदेही पर भी सवाल
समर न्यूज। चंडीगढ़
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हुई हिंसा के मामले में पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के स्रोत का पता लगाने पर जोर दिया है।
अदालत ने यह भी जानना चाहा कि क्या किसी छात्र का इस्तेमाल जानबूझकर अफवाह फैलाने के लिए किया गया था। मामला एक सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ था, जिसमें विश्वविद्यालय परिसर में छात्रा से दुष्कर्म किए जाने का दावा किया गया था। इसके बाद परिसर में प्रदर्शन, तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी। राज्य सरकार ने पिछली सुनवाई में अदालत को बताया था कि कथित दुष्कर्म की पुष्टि अब तक जांच में नहीं हुई है। सरकार के अनुसार, सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने वाले व्यक्ति की पहचान कर ली गई है, लेकिन उसने जानकारी दूसरे लोगों से मिलने की बात कही है। पुलिस इस दावे के स्रोत और घटनाक्रम में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। सुनवाई के दौरान सरकार ने अदालत को बताया था कि हिंसा के सिलसिले में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें कुछ छात्र और बाहरी व्यक्ति भी शामिल हैं। पुलिस ने घटनास्थल के साक्ष्यों और डिजिटल सामग्री के आधार पर जांच आगे बढ़ाई है। अदालत ने पुलिस से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि कथित दुष्कर्म की घटना वास्तव में हुई थी या नहीं।
{चितकारा विवि की घटना से संबंध: अदालत ने पहले राजपुरा स्थित चितकारा विश्वविद्यालय में सामने आई अफवाहों और एलपीयू की घटना के बीच किसी संभावित संबंध के बारे में भी सवाल किया था। चितकारा में भी सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों के बाद छात्रों के बीच तनाव पैदा हुआ था। अदालत ने पुलिस को दोनों घटनाओं के बीच किसी साझा कड़ी की संभावना की जांच करने को कहा है।
सोशल मीडिया मंचों की जवाबदेही पर सवाल
उच्च न्यायालय ने कहा कि किसी ऐसी घटना की झूठी सूचना, जो वास्तव में हुई ही न हो, हिंसा और जान-माल के नुकसान का कारण बन सकती है। अदालत ने इस पर भी विचार करने की जरूरत बताई कि ऐसी स्थिति में केवल पोस्ट डालने वाले व्यक्ति के बजाय संबंधित सोशल मीडिया मंच की जवाबदेही तय करने के लिए क्या व्यवस्था होनी चाहिए। अदालत ने केंद्र, राज्य और अन्य संबंधित पक्षों से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर विचार करने को कहा है।
जांच और अगली सुनवाई
मामले में एलपीयू के बीटेक छात्र रवि राज ने जनहित याचिका दायर कर हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है। पंजाब पुलिस की जांच रिपोर्ट अदालत में पेश की जा चुकी है। मामले की सुनवाई 12 अक्टूबर के लिए निर्धारित थी। इस सुनवाई में आए किसी नए आदेश या निर्देश की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी है।