Summer express, बलिंदर कुमार, कैथल। कैथल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से प्रयास तेज किए जा रहे हैं। विभाग के अधीक्षक अभियंता करण बहल के अनुसार, जिले के सात गांवों को भाखड़ा नहर आधारित पेयजल आपूर्ति व्यवस्था से जोड़ा जा चुका है, जबकि नौ अन्य गांवों में इस दिशा में काम चल रहा है। योजना का उद्देश्य ग्रामीणों तक उचित प्रक्रिया से शुद्ध किया गया पानी पहुंचाना और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
करण बहल ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता जिले के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वच्छ एवं स्वास्थ्यवर्धक पेयजल उपलब्ध करवाना है। इसके लिए पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है। विभाग की ओर से हर 15 दिन में पेयजल के सैंपल लिए जाते हैं, ताकि पानी की शुद्धता सुनिश्चित की जा सके और गुणवत्ता से जुड़ी किसी भी समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके।
उन्होंने बताया कि पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों को बदलने के निर्देश दिए गए हैं। पाइपलाइन में लीकेज या टूट-फूट होने से न केवल पानी की बर्बादी होती है, बल्कि दूषित पानी की आपूर्ति का खतरा भी पैदा हो सकता है। इसलिए अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्था की निगरानी करने तथा समस्याओं का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
पेयजल की बर्बादी रोकने के लिए भी विभाग ने निगरानी बढ़ाई है। गांवों में पानी को खुले में बहने से रोकने और उसका जरूरत के अनुसार उपयोग सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों तथा ट्यूबवेल ऑपरेटरों की जिम्मेदारी तय की जा रही है। संबंधित कर्मचारियों को अपने निर्धारित कार्यक्षेत्रों में निगरानी रखने और पानी की बर्बादी से जुड़े मामलों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
करण बहल ने ग्रामीणों से अपील की कि वे पेयजल आपूर्ति बाधित होने, पानी की गुणवत्ता खराब होने, पाइपलाइन टूटने या लीकेज जैसी समस्याओं को विभाग के संज्ञान में लाएं। ऐसी शिकायतों के लिए विभाग के निर्धारित टोल फ्री नंबर पर संपर्क किया जा सकता है, ताकि समस्या का समाधान समय पर किया जा सके।
‘जल अर्पण दिवस’ से ग्रामीणों को किया जा रहा जागरूक
जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विभाग की ओर से ‘जल अर्पण दिवस’ के तहत गांव-गांव जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इस अभियान के माध्यम से लोगों को पानी के महत्व, इसके उचित उपयोग और भविष्य के लिए जल संसाधनों को बचाने की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी जा रही है।
इस अभियान में ग्राम पंचायतों और सरपंचों का सहयोग भी लिया जा रहा है। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी पंचायत प्रतिनिधियों के साथ गांवों की गलियों, प्रमुख चौक-चौराहों तथा सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को पानी बचाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। विभाग का उद्देश्य ग्रामीणों की भागीदारी से जल संरक्षण को जन अभियान बनाना और सभी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।